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Jammu News: सेवानिवृत्त हेडमास्टर समेत तीन के खिलाफ आरोप पत्र पेश
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- फर्जी नियुक्ति और वेतन लेने का मामला, कश्मीर अपराध शाखा ने दर्ज की थी एफआईआर
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कश्मीर अपराध शाखा (सीबीके) की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने शनिवार को फर्जी नियुक्ति और वेतन आहरण मामले में सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक सहित तीन आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।
सीबीके के एक प्रवक्ता ने बताया कि रणबीर दंड संहिता (आरपीसी) की धारा 419, 420, 409, 468, 471 सहपठित 120-बी के तहत एफआईआर संख्या 95/2022 में उप-न्यायाधीश चाडूरा की अदालत में आरोपियों गुलाम मोहिउद्दीन गाजी (सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक) निवासी जैनदार मोहल्ला हब्बा कदल, मुबीना कौसर और इफ्रा निसार के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया गया है।
उन्होंने बताया कि यह मामला स्कूल शिक्षा निदेशालय कश्मीर से प्राप्त एक पत्र से उत्पन्न हुआ था जिसमें एसआरओ-43 के तहत नियुक्तियों में अनियमितताओं और सेवा अभिलेखों में हेराफेरी को उजागर किया गया था। इसको ध्यान में रखते हुए आर्थिक अपराध शाखा (कश्मीर) पुलिस स्टेशन में एक औपचारिक मामला दर्ज किया गया।
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प्रवक्ता ने बताया कि जांच से पता चला कि मूल नियुक्त व्यक्ति इफ्रा निसार ने सरकारी सेवा से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि तत्कालीन आहरण एवं संवितरण अधिकारी (डीडीओ) ने जानबूझकर उनके इस्तीफे को छिपाया और धोखाधड़ी से उनके स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को नियुक्त कर दिया। यही नहीं उक्त पद के विरुद्ध वेतन प्राप्त करना जारी रखा।
जांच के दौरान दस्तावेजी और मौखिक साक्ष्यों ने आरोपों की पुष्टि की जिससे आपराधिक षडयंत्र और सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि हुई। इसके आधार पर रणबीर दंड संहिता के संबंधित प्रावधानों के तहत अपराध सिद्ध हुए और न्यायिक निर्णय के लिए न्यायालय के समक्ष आरोप पत्र दायर किया गया है।
प्रवक्ता ने कहा कि कश्मीर अपराध शाखा सार्वजनिक संस्थानों में पारदर्शिता, जवाबदेही और सत्यनिष्ठा सुनिश्चित करने के लिए अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराती है। एजेंसी कानून के शासन को बनाए रखने और आर्थिक अपराधों व भ्रष्टाचार के कृत्यों में शामिल सभी लोगों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए समर्पित है जो जनता के विश्वास और सरकारी प्रणालियों की विश्वसनीयता को कम करते हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कश्मीर अपराध शाखा (सीबीके) की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने शनिवार को फर्जी नियुक्ति और वेतन आहरण मामले में सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक सहित तीन आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।
सीबीके के एक प्रवक्ता ने बताया कि रणबीर दंड संहिता (आरपीसी) की धारा 419, 420, 409, 468, 471 सहपठित 120-बी के तहत एफआईआर संख्या 95/2022 में उप-न्यायाधीश चाडूरा की अदालत में आरोपियों गुलाम मोहिउद्दीन गाजी (सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक) निवासी जैनदार मोहल्ला हब्बा कदल, मुबीना कौसर और इफ्रा निसार के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया गया है।
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उन्होंने बताया कि यह मामला स्कूल शिक्षा निदेशालय कश्मीर से प्राप्त एक पत्र से उत्पन्न हुआ था जिसमें एसआरओ-43 के तहत नियुक्तियों में अनियमितताओं और सेवा अभिलेखों में हेराफेरी को उजागर किया गया था। इसको ध्यान में रखते हुए आर्थिक अपराध शाखा (कश्मीर) पुलिस स्टेशन में एक औपचारिक मामला दर्ज किया गया।
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प्रवक्ता ने बताया कि जांच से पता चला कि मूल नियुक्त व्यक्ति इफ्रा निसार ने सरकारी सेवा से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि तत्कालीन आहरण एवं संवितरण अधिकारी (डीडीओ) ने जानबूझकर उनके इस्तीफे को छिपाया और धोखाधड़ी से उनके स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को नियुक्त कर दिया। यही नहीं उक्त पद के विरुद्ध वेतन प्राप्त करना जारी रखा।
जांच के दौरान दस्तावेजी और मौखिक साक्ष्यों ने आरोपों की पुष्टि की जिससे आपराधिक षडयंत्र और सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि हुई। इसके आधार पर रणबीर दंड संहिता के संबंधित प्रावधानों के तहत अपराध सिद्ध हुए और न्यायिक निर्णय के लिए न्यायालय के समक्ष आरोप पत्र दायर किया गया है।
प्रवक्ता ने कहा कि कश्मीर अपराध शाखा सार्वजनिक संस्थानों में पारदर्शिता, जवाबदेही और सत्यनिष्ठा सुनिश्चित करने के लिए अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराती है। एजेंसी कानून के शासन को बनाए रखने और आर्थिक अपराधों व भ्रष्टाचार के कृत्यों में शामिल सभी लोगों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए समर्पित है जो जनता के विश्वास और सरकारी प्रणालियों की विश्वसनीयता को कम करते हैं।