चीफ जस्टिस पर बाढ़ की मार, हाईकोर्ट की इमारत डूबी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कश्मीर घाटी में आई बाढ़ का प्रभाव न्यायपालिका पर भी दिखने लगा है। रियासत के चीफ जस्टिस का सोनावर स्थित अधिकारिक आवास पानी में डूब गया है। शनिवार की रात लगभग दो बजे चीफ जस्टिस एमएम कुमार और उनकी पत्नी और बेटी को हरि निवास में शिफ्ट किया गया।
इसके एक घंटे बाद ही चीफ जस्टिस का निवास पानी में डूब गया। हरि निवास में पीने के पानी और खाने के बिना जीवन बिताना मुश्किल हो गया। श्रीनगर हाईकोर्ट की इमारत पूरी तरह पानी में समा चुकी है।
हाईकोर्ट की रोजाना के कार्य को व्यवस्थित करने में अभी काफी समय लगेगा। इन सबके बीच बुधवार को चीफ जस्टिस अपने परिवार के साथ जम्मू सुरक्षित पहुंच चुके हैं।
जल्दी ही होगी हाईकोर्ट की वैकल्पिक व्यवस्था
चीफ जस्टिस ने सरकार से आग्रह किया कि जब तक हाईकोर्ट की इमारत दुरुस्त नहीं होती, तब तक रोजाना के काम को सुचारु रूप से चलाने के लिए किसी अन्य स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि पेंडिंग केसों को निपटाने में भले मदद न मिले, लेकिन नई याचिकाओं को निपटाया जा सकता है।
इसके अलावा रियासत के अन्य हिस्सों में बाढ़ से प्रभावित होने वाली न्यायिक इमारतों की अन्य स्थान में व्यवस्था की जाए। साथ ही बाढ़ में फंसे न्यायिक अफसरों को अन्य स्थानों पर भेजा जाए। अनंतनाग जिले के बिजबिहाड़ा इलाके में सब जज मदन लाल अपने निवास पर फंसे हुए हैं।
सरकार से आग्रह किया जाता है कि उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए। कई इलाकों में वकील भी फंसे हुए हैं। कुछ स्थानों पर न्यायिक फाइलें भी बाढ़ के पानी में समा चुकी हैं।