{"_id":"61f05f3439f7001d6f79166f","slug":"sports-jammu-city-news-jmu2526062114","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिच डेक प्रतियोगिता के लिए 14 व्यावसायिक योजनाएं शार्टलिस्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पिच डेक प्रतियोगिता के लिए 14 व्यावसायिक योजनाएं शार्टलिस्ट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। आईआईटी जम्मू की ओर से आयोजित पिच डेक प्रतियोगिता के लिए 14 व्यावसायिक योजनाओं को शॉर्टलिस्ट किया गया है। अब परियोजनाओं की अंतिम सूची तैयार करने के लिए मूल्यांकन किया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग और आईआईटी जम्मू की ओर से संयुक्त रूप से एक विस्तृत स्टार्ट अप प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
पिच डेक प्रतियोगिता के पहले दौर में सर्वोत्तम व्यावसायिक योजनाओं को शॉर्टलिस्ट करने के लिए मंगलवार को आईआईटी में बैठक हुई। इसमें उच्च शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव रोहित कंसल ने प्रतियोगिता को शुरू के लिए संस्थान के प्रयासों की सराहना की। निदेशक आईआईटी डॉ. मनोज सिंह गौड़ ने आश्वासन दिया कि आईआईटी हब और स्पोक मॉडल पर विभिन्न डिग्री कॉलेजों को लाभ मिलेगा।
डिग्री कालेजों में शीघ्र किया जाए शुरू
इससे पहले संस्थान के छात्रों द्वारा विकसित इन-हाउस लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम पर एक प्रस्तुति दी। इसमें छात्र प्रतिक्रियाएं, अनुकूलित असाइनमेंट सबमिशन सुविधा, उपस्थिति जांच, मूल्यांकन, प्रशासनिक निगरानी और स्वचालित ग्रेडिंग पर बताया गया। जानकारी दी गई कि इसमें छात्रों और शिक्षकों के लिए अलग-अलग इंटरफेस हैं। इस प्रणाली का उपयोग करके प्रश्नोत्तरी सत्र और स्वचालित अंकन भी पूरा किया जा सकता है।
विज्ञापन
आफलाइन कक्षाओं के लिए बढ़िया फ्लेटफार्म
बेहतर प्रबंधन और निगरानी के उद्देश्य से ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने के बाद भी यह प्लेटफॉर्म उपयोगी हो सकता है। प्रधान सचिव ने डिग्री कॉलेजों को प्रणाली को शीघ्रता से शुरू करने का आह्वान किया। खासकर मौजूदा कोविड स्थिति के कारण यह जरूरी है।
विज्ञापन
पिच डेक प्रतियोगिता के पहले दौर में सर्वोत्तम व्यावसायिक योजनाओं को शॉर्टलिस्ट करने के लिए मंगलवार को आईआईटी में बैठक हुई। इसमें उच्च शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव रोहित कंसल ने प्रतियोगिता को शुरू के लिए संस्थान के प्रयासों की सराहना की। निदेशक आईआईटी डॉ. मनोज सिंह गौड़ ने आश्वासन दिया कि आईआईटी हब और स्पोक मॉडल पर विभिन्न डिग्री कॉलेजों को लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
डिग्री कालेजों में शीघ्र किया जाए शुरू
इससे पहले संस्थान के छात्रों द्वारा विकसित इन-हाउस लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम पर एक प्रस्तुति दी। इसमें छात्र प्रतिक्रियाएं, अनुकूलित असाइनमेंट सबमिशन सुविधा, उपस्थिति जांच, मूल्यांकन, प्रशासनिक निगरानी और स्वचालित ग्रेडिंग पर बताया गया। जानकारी दी गई कि इसमें छात्रों और शिक्षकों के लिए अलग-अलग इंटरफेस हैं। इस प्रणाली का उपयोग करके प्रश्नोत्तरी सत्र और स्वचालित अंकन भी पूरा किया जा सकता है।
विज्ञापन
आफलाइन कक्षाओं के लिए बढ़िया फ्लेटफार्म
बेहतर प्रबंधन और निगरानी के उद्देश्य से ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने के बाद भी यह प्लेटफॉर्म उपयोगी हो सकता है। प्रधान सचिव ने डिग्री कॉलेजों को प्रणाली को शीघ्रता से शुरू करने का आह्वान किया। खासकर मौजूदा कोविड स्थिति के कारण यह जरूरी है।