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जम्मू-श्रीनगर हाईवे का चौड़ीकरण व मरम्मत कार्य तेज करें : मुख्य सचिव
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जम्मू। मुख्य सचिव ने जम्मू-श्रीनगर हाईवे के चौड़ीकरण के अलावा मरम्मत कार्य की प्रगति पर असंतोष जाहिर करते हुए एनएचएआई को तेजी से कार्य करने और जखैनी नाशरी सेक्शन पर तारकोल डालने का कार्य 15 अगस्त तक पूरा करने के निर्देश जारी किए।
मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता ने सोमवार को श्रीनगर में एनएचएआई के अलावा राजस्व, बिजली, सड़क एवं भवन निर्माण विभाग, वन विभागों के प्रशासनिक सचिवों के साथ हाईवे के चौड़ीकरण और मरम्मत कार्य की प्रगति की जानकारी ली। बैठक में रामबन के डीसी व नेशनल हाईवे रामबन के यातायात पुलिस के एसएसपी भी मौजूद रहे। इस दौरान मुख्य सचिव ने चौड़ीकरण व मरम्मत कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए नए दिशा-निर्देशों के साथ साथ अब तक प्रगति पर नाराजगी भी जताई। मुख्य सचिव ने डलवास स्ट्रेच पर तीन दिनों में तारकोल डालने की हिदायत दी। इसके अलावा बनिहाल काजीगुंड टनल की दोनों ट्यूबों को यातायात के लिए सुचारु रूप से खोलने के लिए भी कहा। मुख्य सचिव ने कहा कि धीमी गति से चल रहे कार्य की वजह से हाईवे से गुजरने वाले लोगों को परेशानी हो रही है।
यातायात पुलिस कर्मियों की संख्या भी बढ़ेगी
मुख्य सचिव ने कहा कि हाईवे पर यातायात जाम की समस्या आम हो गई है। यातायात पुलिस के सीमित संख्या में कर्मियों की तैनाती पर भी नाराजगी जताई। जल्द पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ाकर दोगुनी करने के निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा सेना के वाहनों की कानवाई की अघोषित मूवमेंट से भी समस्या बढ़ती है।
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दुर्घटना वाले क्षेत्रों में एक सप्ताह में लगाएं साइन बोर्ड
मुख्य सचिव ने एनएचएआई और रामबन के डीसी को निर्देश दिए कि वह कैंथी, करोल, कोउबाग, पीरराह, अशर और रामसू में नेशनल हाईवे के बंद रहने की स्थिति में वाहनों के रुकने के स्थलों को विकसित करें। हाईवे पर सभी संवेदनशील क्षेत्रों में एलईडी बोर्ड एक सप्ताह में लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्राधिकरण को दिसंबर 2022 तक रामबन बनिहाल सेक्शन पर कार्य पूरा करने के अलावा पुराने नेशनल हाईवे पर पंथाचौक से सोनावर रोड को सड़क एवं भवन निर्माण विभाग को मरम्मत कार्य के लिए सौंपने के भी निर्देश दिए। प्राधिकरण को 31 अगस्त 2021 तक जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे के सभी संवेदनशील जंक्शनों पर चेतावनी बोर्ड के साथ क्रैश अवरोधक लगाने को कहा, ताकि सड़क हादसों से बचा जा सके।
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मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता ने सोमवार को श्रीनगर में एनएचएआई के अलावा राजस्व, बिजली, सड़क एवं भवन निर्माण विभाग, वन विभागों के प्रशासनिक सचिवों के साथ हाईवे के चौड़ीकरण और मरम्मत कार्य की प्रगति की जानकारी ली। बैठक में रामबन के डीसी व नेशनल हाईवे रामबन के यातायात पुलिस के एसएसपी भी मौजूद रहे। इस दौरान मुख्य सचिव ने चौड़ीकरण व मरम्मत कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए नए दिशा-निर्देशों के साथ साथ अब तक प्रगति पर नाराजगी भी जताई। मुख्य सचिव ने डलवास स्ट्रेच पर तीन दिनों में तारकोल डालने की हिदायत दी। इसके अलावा बनिहाल काजीगुंड टनल की दोनों ट्यूबों को यातायात के लिए सुचारु रूप से खोलने के लिए भी कहा। मुख्य सचिव ने कहा कि धीमी गति से चल रहे कार्य की वजह से हाईवे से गुजरने वाले लोगों को परेशानी हो रही है।
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यातायात पुलिस कर्मियों की संख्या भी बढ़ेगी
मुख्य सचिव ने कहा कि हाईवे पर यातायात जाम की समस्या आम हो गई है। यातायात पुलिस के सीमित संख्या में कर्मियों की तैनाती पर भी नाराजगी जताई। जल्द पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ाकर दोगुनी करने के निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा सेना के वाहनों की कानवाई की अघोषित मूवमेंट से भी समस्या बढ़ती है।
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दुर्घटना वाले क्षेत्रों में एक सप्ताह में लगाएं साइन बोर्ड
मुख्य सचिव ने एनएचएआई और रामबन के डीसी को निर्देश दिए कि वह कैंथी, करोल, कोउबाग, पीरराह, अशर और रामसू में नेशनल हाईवे के बंद रहने की स्थिति में वाहनों के रुकने के स्थलों को विकसित करें। हाईवे पर सभी संवेदनशील क्षेत्रों में एलईडी बोर्ड एक सप्ताह में लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्राधिकरण को दिसंबर 2022 तक रामबन बनिहाल सेक्शन पर कार्य पूरा करने के अलावा पुराने नेशनल हाईवे पर पंथाचौक से सोनावर रोड को सड़क एवं भवन निर्माण विभाग को मरम्मत कार्य के लिए सौंपने के भी निर्देश दिए। प्राधिकरण को 31 अगस्त 2021 तक जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे के सभी संवेदनशील जंक्शनों पर चेतावनी बोर्ड के साथ क्रैश अवरोधक लगाने को कहा, ताकि सड़क हादसों से बचा जा सके।