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खेतों का स्वास्थ्य सुधारने में जुटा कृषि विभाग
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Wed, 06 Jan 2016 07:12 PM IST
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खेतों से लगातार कम होते पौष्टिक तत्वों को वापस लाने को लेकर बड़े स्तर काम शुरू कर दिया गया है। मौजूदा वर्ष में हजारों किसानों के खेतों से मिट्टी के सैंपल उठाकर सॉयल टेस्ट किया जाएगा।
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बीते वर्ष भी इसमें किसानों के खेतों की जांच की गई है, लेकिन इस साल बड़े स्तर पर काम होगा। हर जिले में सॉयल टेस्ट करने की तैयारी कर ली गई है। टेस्ट करने के बाद कृषि विभाग की ओर से सॉयल हेल्थ कार्ड जारी किया जाएगा।
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कृषि उत्पादन विभाग के आयुक्त सचिव मुश्ताक बुखारी का कहना है कि बीते वर्ष 20 हजार सॉयल हेल्थ कार्ड दिए गए। इस साल पचास हजार दिए जाएंगे, ताकि खेतों की कम होती उपजाऊ क्षमता को दोबारा पुराने मुकाम पर लाया जाए। हर जिले में इसे लेकर निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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क्या है सॉयल हेल्थ कार्ड
इसके तहत कृषि विभाग खेतों से मिट्टी के सैंपल उठाता है। इसमें जांच की जाती है कि मिट्टी में किस चीज की कमी है। किस क्षेत्र में किस क्लाइमेट के हिसाब से कौन सा तत्व मिट्टी में कम है। कई खेतों में पोटाशियम की कमी देखी गई है।
बताया जा रहा है कि 20 हजार सॉयल हेल्थ कार्ड जारी करने से पहले जब टेस्ट किए गए तो खेतों में सबसे कम पोटाश पाया गया। साथ ही खेतों में नमी भी कम पाई गई।
टेस्ट करने के बाद सॉयल हेल्थ कार्ड के जरिये किसानों को बताया जाता है कि खेतों में कम हुए तत्वों को किस तरह से पूरा किया जा सकता है।