जम्मू-कश्मीर: एलओसी पर बर्फबारी से बदल सकता है घुसपैठ का रूट, सर्दियों से पहले आईबी पर सुरक्षा ग्रिड मजबूत
बर्फबारी के कारण एलओसी के पारंपरिक घुसपैठ मार्ग प्रभावित होने की आशंका के बीच सुरक्षा एजेंसियां जम्मू संभाग की आईबी पर संभावित खतरे को लेकर सतर्क हो गई हैं।
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मौसम बदलने के साथ ही आतंकियों की घुसपैठ का तरीका भी बदलने की आशंका रहती है। बर्फबारी के कारण कश्मीर संभाग और पुंछ-राजोरी में एलओसी से घुसपैठ के रास्ते मुश्किल होने के बाद जम्मू संभाग में अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) से घुसपैठ का खतरा बढ़ सकता है। इसे देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने सर्दियों से पहले ही तैयारी तेज कर दी है। आईजी जम्मू जोन ने जम्मू और कठुआ जिले में अधिकारियों के साथ सर्दियों की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की।
आईबी पर बीएसएफ के बाद पुलिस दूसरी सुरक्षा पंक्ति में रहती है। सर्दियों में धुंध के दौरान दृश्यता कम होने का फायदा उठाकर घुसपैठ की कोशिश की आशंका रहती है। इसे देखते हुए संवेदनशील इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने और नाका चेकिंग मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। फरवरी में किश्तवाड़ के छात्रू में सैफुल्लाह ग्रुप के सात आतंकियों के खात्मे के बाद सितंबर में भी सुरक्षाबलों ने पांच आतंकियों को मार गिराया।सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई के बीच आतंकी संगठनों की ओर से घुसपैठ के रास्तों और तरीकों में बदलाव की आशंका है।
सुरक्षा एजेंसियां बर्फबारी से पहले एलओसी और इसके बाद आईबी के रास्ते घुसपैठ की संभावित कोशिशों को लेकर सतर्क हैं। सांबा-कठुआ बॉर्डर को पहले भी घुसपैठ के लिए इस्तेमाल किए जाने के मामले सामने आते रहे हैं। झज्जर कोटली में 2018 में हुए हमले के बाद एनआईए की जांच में भी सीमावर्ती इलाकों से घुसपैठ के पहलू सामने आए थे।
आईबी पर सुरक्षा सख्त होने के बाद आतंकी संगठनों की ओर से नए रास्तों और तरीकों का इस्तेमाल करने की कोशिश की जाती रही है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक सियालकोट की तरफ से भी घुसपैठ की कोशिश का खतरा रहता है। यह क्षेत्र सांबा की ओर निकलता है और आगे हीरानगर तथा कठुआ की तरफ पहुंचता है।
घुसपैठ के बाद आतंकियों के मच्छेड़ी, बनी और बसंतगढ़ के रास्ते डोडा-किश्तवाड़ की ओर बढ़ने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां इन संभावित मार्गों पर भी नजर रखती हैं।बॉर्डर क्षेत्र की सुरक्षा में बीएसएफ के साथ पुलिस की भी अहम भूमिका है। ऐसे में पुलिस अपने तंत्र को मजबूत करने में लगी है। बॉर्डर जिलों में डीजीपी के साथ-साथ आईजी जम्मू जोन भी लगातार सुरक्षा बैठकों के जरिए व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं। सर्दियों में धुंध और मौसम की चुनौती को देखते हुए पुलिस की मौजूदगी, नाका चेकिंग और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।