{"_id":"655bca87a99bdad59d03c184","slug":"sjkpc-meeting-jammu-news-c-10-jam1006-246135-2023-11-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: सरकार शीघ्र चुनाव करवाए, ग्राम सभाओं को दिए जाएं अधिकार - एजेकेपीसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: सरकार शीघ्र चुनाव करवाए, ग्राम सभाओं को दिए जाएं अधिकार - एजेकेपीसी
Tue, 21 Nov 2023 02:37 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Tue, 21 Nov 2023 02:37 AM IST
विज्ञापन
जम्मू में सोमवार को पत्रकारों को संबोधित करते आल जम्मू कश्मीर पंचायत कान्फ्रेंस के अध्यक्ष अनिल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। ऑल जम्मू-कश्मीर पंचायत कॉन्फ्रेंस (एजेकेपीसी) ने डीडीसी (जिला विकास परिषदों) की ओर से पंचायतों और ब्लाॅक के लिए वित्तीय योजनाएं तैयार करने के फैसले को अलोकतांत्रिक बताया है। कहा है कि सरकार को पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने पर मौजूदा ग्राम सभाओं को अगले वित्तीय वर्ष के लिए अपनी विकास योजना तैयार करने की अनुमति देनी चाहिए। कानूनी तौर पर किसी भी परिस्थिति में ग्राम सभा की शक्तियां और अधिकार डीडीसी या किसी अन्य प्राधिकारी को नहीं सौंपे जा सकते हैं।
सरकार ने प्रस्ताव दिया है जिसमें 2024-25 के वित्तीय वर्ष के लिए पंचायतों और ब्लॉक विकास परिषदों (बीडीसी) की योजना डीडीसी में स्थानांतरित हो जाएगी। मौजूदा बीडीसी और पंचायत दोनों का कार्यकाल जनवरी 2024 में समाप्त हो रहा है। इससे नई व्यवस्था जनवरी 2024 के पहले हफ्ते से अस्तित्व में आएगी।
एजेकेपीसी के अध्यक्ष अनिल शर्मा ने बताया कि डीडीसी की ओर से पंचायतों व ब्लाॅक की योजनाएं बनाने का प्रस्ताव जम्मू-कश्मीर पंचायती राज अधिनियम के खिलाफ है। सरकार 35 हजार निर्वाचित पंचायत सदस्यों और 310 बीडीसी सदस्यों की शक्ति और अधिकार सिर्फ 20 डीडीसी को कैसे दे सकती है।
विज्ञापन
इस अन्यायपूर्ण कार्य को करने के लिए कौन सा कानून, तर्क लागू किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन जमीनी स्तर के लोकतांत्रिक संस्थानों के नाम पर सिर्फ केंद्र सरकार से धन प्राप्त करना चाहता है और ग्रामीण व शहरी स्थानीय निकायों को पैसा कमाने का साधन मानता है। चुनाव आयोग को एक ‘स्वायत्त और स्वतंत्र निकाय’ के रूप में कार्य करना चाहिए। इस दौरान राम सरूप शर्मा, रविंद्र सिंह, विजय कुमार और अवतार सिंह मौजूद रहे।
विज्ञापन
जम्मू। ऑल जम्मू-कश्मीर पंचायत कॉन्फ्रेंस (एजेकेपीसी) ने डीडीसी (जिला विकास परिषदों) की ओर से पंचायतों और ब्लाॅक के लिए वित्तीय योजनाएं तैयार करने के फैसले को अलोकतांत्रिक बताया है। कहा है कि सरकार को पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने पर मौजूदा ग्राम सभाओं को अगले वित्तीय वर्ष के लिए अपनी विकास योजना तैयार करने की अनुमति देनी चाहिए। कानूनी तौर पर किसी भी परिस्थिति में ग्राम सभा की शक्तियां और अधिकार डीडीसी या किसी अन्य प्राधिकारी को नहीं सौंपे जा सकते हैं।
सरकार ने प्रस्ताव दिया है जिसमें 2024-25 के वित्तीय वर्ष के लिए पंचायतों और ब्लॉक विकास परिषदों (बीडीसी) की योजना डीडीसी में स्थानांतरित हो जाएगी। मौजूदा बीडीसी और पंचायत दोनों का कार्यकाल जनवरी 2024 में समाप्त हो रहा है। इससे नई व्यवस्था जनवरी 2024 के पहले हफ्ते से अस्तित्व में आएगी।
विज्ञापन
एजेकेपीसी के अध्यक्ष अनिल शर्मा ने बताया कि डीडीसी की ओर से पंचायतों व ब्लाॅक की योजनाएं बनाने का प्रस्ताव जम्मू-कश्मीर पंचायती राज अधिनियम के खिलाफ है। सरकार 35 हजार निर्वाचित पंचायत सदस्यों और 310 बीडीसी सदस्यों की शक्ति और अधिकार सिर्फ 20 डीडीसी को कैसे दे सकती है।
विज्ञापन
इस अन्यायपूर्ण कार्य को करने के लिए कौन सा कानून, तर्क लागू किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन जमीनी स्तर के लोकतांत्रिक संस्थानों के नाम पर सिर्फ केंद्र सरकार से धन प्राप्त करना चाहता है और ग्रामीण व शहरी स्थानीय निकायों को पैसा कमाने का साधन मानता है। चुनाव आयोग को एक ‘स्वायत्त और स्वतंत्र निकाय’ के रूप में कार्य करना चाहिए। इस दौरान राम सरूप शर्मा, रविंद्र सिंह, विजय कुमार और अवतार सिंह मौजूद रहे।