{"_id":"5745377c4f1c1b7562690b6a","slug":"shivling-friendly-weather","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बाबा बर्फानी के भक्तों के लिए अच्छी खबर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाबा बर्फानी के भक्तों के लिए अच्छी खबर
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Wed, 25 May 2016 10:56 AM IST
विज्ञापन
बाबा बर्फानी का यह चित्र गुफा का सबसे ताजा चित्र बताया जा रहा है, हालांकि आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्री अमरनाथ यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। रियासत के मौसम में आए बदलाव से दिन का पारा सामान्य से 10-11 डिग्री नीचे चला गया है। कुछ दिन के अंतराल के बाद बारिश हो रही है। यात्रा के पारंपरिक बालटाल और पहलगाम ट्रैक पर ठंडक बरकरार है। इससे पवित्र गुफा में हिमलिंग विकसित होंगे।
हाल ही में कश्मीर के कुछ पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी भी हुई है। मौसम विशेषज्ञ यशपाल शर्मा का कहना है कि यात्रा से पूर्व मौसम में इस तरह से बदलाव से पवित्र हिमलिंग को ज्यादा देर तक विराजमान रहने का लाभ मिलेगा। गुफा के पास बर्फबारी और तापमान दोनों ही अनुकूल हैं। देर से हो रही बारिश हिमलिंग का आकार बढ़ाने के लिए फायदेमंद होगी।
आगामी दो जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा 2016 से पूर्व राज्य में मौसम ने करवट बदली है। इससे पहले श्री अमरनाथ की पवित्र गुफा सहित बालटाल और पहलगाम के पहाड़ों पर जनवरी 2015 के मुकाबले इस बार अधिक बारिश/बर्फबारी हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
हाल ही में कश्मीर के कुछ पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी भी हुई है। मौसम विशेषज्ञ यशपाल शर्मा का कहना है कि यात्रा से पूर्व मौसम में इस तरह से बदलाव से पवित्र हिमलिंग को ज्यादा देर तक विराजमान रहने का लाभ मिलेगा। गुफा के पास बर्फबारी और तापमान दोनों ही अनुकूल हैं। देर से हो रही बारिश हिमलिंग का आकार बढ़ाने के लिए फायदेमंद होगी।
विज्ञापन
आगामी दो जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा 2016 से पूर्व राज्य में मौसम ने करवट बदली है। इससे पहले श्री अमरनाथ की पवित्र गुफा सहित बालटाल और पहलगाम के पहाड़ों पर जनवरी 2015 के मुकाबले इस बार अधिक बारिश/बर्फबारी हुई।
विज्ञापन
48 दिनों तक चलेगी यात्रा
अमरनाथ यात्रा
- फोटो : PTI
पहलगाम में जनवरी में 45.4 (सामान्य 66.9) मिलीमीटर, फरवरी में 72.6 मिलीमीटर (सामान्य 65.3) बारिश/बर्फबारी हुई। इसी तरह मई 2015 में पहलगाम में 121.5 मिलीमीटर बारिश हुई थी, हालांकि इस बार यह आंकड़ा कम होने के साथ 24 मई तक 49.2 ही बारिश हुई थी, लेकिन इसके बढ़ने की संभावना है। जून 2015 में 177.8 बारिश हुई।
अगर बचे हुए मई और जून माह में मौसम ऐसा ही बना रहता है तो बाबा बर्फानी का विशाल आकार बनने से भक्तों को आखिर तक उनके दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो सकता है।
बालटाल और पहलगाम में 0-1 डिग्री सेल्सियस तापमान रहने पर बर्फबारी होती रही है। इस बार यात्रा 48 दिन की हो रही है। वर्ष 2015 में चली 58 दिन की यात्रा में 3.52 लाख यात्रियों ने भोले के दरबार में हाजिरी दी थी।
अगर बचे हुए मई और जून माह में मौसम ऐसा ही बना रहता है तो बाबा बर्फानी का विशाल आकार बनने से भक्तों को आखिर तक उनके दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो सकता है।
बालटाल और पहलगाम में 0-1 डिग्री सेल्सियस तापमान रहने पर बर्फबारी होती रही है। इस बार यात्रा 48 दिन की हो रही है। वर्ष 2015 में चली 58 दिन की यात्रा में 3.52 लाख यात्रियों ने भोले के दरबार में हाजिरी दी थी।