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कश्मीर: तीन दशक बाद मुहर्रम जुलूस की अनुमति से शिया दो फाड़, जानिए अधिकारियों ने क्या कहा?

Mon, 02 Aug 2021 09:54 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Mon, 02 Aug 2021 09:54 AM IST
सार

बड़गाम विधानसभा क्षेत्र से नेशनल कांफ्रेंस का तीन बार प्रतिनिधित्व करने वाले मेहंदी ने कहा के लिए गए निर्णयों की सूची सामने आई है, जिसमें यदि मैंने इस आदेश को सही से समझा है तो प्रशासन ने 30 साल के अंतराल के बाद मुहर्रम जुलूस को अनुमति देने का निर्णय लिया है।

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Shia community divided into two parts on permission of Muharram procession in Kashmir
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लाल चौक इलाके में तीन दशकों के अंतराल के बाद प्रतीकात्मक मुहर्रम जुलूस की अनुमति देने के प्रशासन के कथित फैसले को लेकर कश्मीर में शिया समुदाय दो फाड़ हो गया है। ऑल जम्मू एंड कश्मीर शिया एसोसिएशन ने फैसले का स्वागत करते हुए दावा किया है कि प्रशासन ने 30 साल बाद जुलूस की अनुमति देने का फैसला लिया है। लेकिन प्रमुख शिया नेता और पूर्व मंत्री आगा सैयद रूहुल्लाह मेहंदी ने कहा कि यह फैसला जवाब देने से ज्यादा सवाल उठाता है। ऑल जम्मू एंड कश्मीर शिया एसोसिएशन के अध्यक्ष इमरान रजा अंसारी ने ट्वीट कर कहा कि वे तीन दशक के अंतराल के बाद कश्मीर में मुहर्रम के जुलूस की अनुमति देने के फैसले का स्वागत करते हैं। इंशा अल्लाह एजेके शिया एसोसिएशन इस साल पुरानी परंपरा के अनुसार जुलूस का नेतृत्व करेगा।

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अंसारी ने अंजुमन-ए-शरी शिया अध्यक्ष आगा सैयद हसन अल मूसावी को जुलूस में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया, जो लगभग तीन दशक तक अलगाववादी राजनीति से जुड़े रहे हैं। पारंपरिक मुहर्रम जुलूस लाल चौक से डल गेट क्षेत्र सहित शहर के कई इलाकों से होकर गुजरता था। लेकिन 1990 में आतंकवाद की शुरुआत होने के बाद से इसे प्रतिबंधित कर दिया गया क्योंकि अधिकारियों का कहना है कि इस धार्मिक आयोजन का इस्तेमाल अलगाववादी राजनीति प्रचार के लिए किया गया है। मेहंदी ने प्रतीकात्मक जुलूस निकालने की अनुमति देने के प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाए।
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उपायुक्त बोले कोई आदेश नहीं जारी किया गया
इस मामले में कश्मीर के संभागीय आयुक्त के पांडुरंग पोल से संपर्क नहीं हो पाया हालांकि श्रीनगर के उपायुक्त मोहम्मद एजाज असद ने कहा कि वह इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते क्योंकि जिला प्रशासन ने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है।

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