{"_id":"5c646795bdec224c0b489bae","slug":"shetty-commission-proposals-not-implemented-in-jammu-kashmir-high-court-angry","type":"story","status":"publish","title_hn":"शेट्टी कमीशन की सिफारिशें लागू न होने पर हाईकोर्ट खफा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शेट्टी कमीशन की सिफारिशें लागू न होने पर हाईकोर्ट खफा
Thu, 14 Feb 2019 12:23 AM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Thu, 14 Feb 2019 12:23 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : फाइल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू हाईकोर्ट ने शेट्टी कमीशन की सिफारिशों को लागू करने के आदेश का पालन न होने पर कड़ा एतराज जताया है। हाईकोर्ट ने वर्ष 2016 में कमीशन की सिफारिशों को लागू करने का आदेश दिया था। इस बारे में जेईडब्लयूए के प्रधान मंगत रात परिहार और अन्य की तरफ से कोर्ट में याचिका दायर की गई थी।
इस याचिका में हाईकोर्ट के अधीन आने वाले कोर्ट में काम करने वाले स्टाफ के लिए शेट्टी कमीशन की सिफारिशों को लागू करने की मांग रखी गई थी। शेट्टी कमीशन के तहत हाईकोर्ट और इसके अधीन आने वाले कोर्ट में स्टाफ बढ़ाने की बात भी है।
बुधवार को चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस ताशी रबस्टन की खंडपीठ ने याचिका से जुड़ी दलीलें सुनने के बाद इस पर कड़ा एतराज जताया। राज्य सरकार ने भी इन सिफारिशों को लागू करने की अनुमति दे दी थी। 2016 में खंडपीठ ने आदेश दिया था कि इस रिपोर्ट की सिफारिशों को लागू करें। लेकिन यह आदेश आज तक अमल में नहीं आया। बाद में जिला कोर्ट के स्टाफ ने चीफ सेक्रेटरी के खिलाफ अवमानना दाखिल किया था। इससे पहले भी इस याचिका पर सुनवाई हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस याचिका में हाईकोर्ट के अधीन आने वाले कोर्ट में काम करने वाले स्टाफ के लिए शेट्टी कमीशन की सिफारिशों को लागू करने की मांग रखी गई थी। शेट्टी कमीशन के तहत हाईकोर्ट और इसके अधीन आने वाले कोर्ट में स्टाफ बढ़ाने की बात भी है।
विज्ञापन
बुधवार को चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस ताशी रबस्टन की खंडपीठ ने याचिका से जुड़ी दलीलें सुनने के बाद इस पर कड़ा एतराज जताया। राज्य सरकार ने भी इन सिफारिशों को लागू करने की अनुमति दे दी थी। 2016 में खंडपीठ ने आदेश दिया था कि इस रिपोर्ट की सिफारिशों को लागू करें। लेकिन यह आदेश आज तक अमल में नहीं आया। बाद में जिला कोर्ट के स्टाफ ने चीफ सेक्रेटरी के खिलाफ अवमानना दाखिल किया था। इससे पहले भी इस याचिका पर सुनवाई हुई थी।
विज्ञापन