{"_id":"57663f344f1c1bef5d11c060","slug":"separatists-boycotted-in-anantnag-election-seems-ineffective","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनंतनाग चुनाव पर बेअसर नजर आ रहा अलगाववादियों का बहिष्कार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनंतनाग चुनाव पर बेअसर नजर आ रहा अलगाववादियों का बहिष्कार
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Sun, 19 Jun 2016 12:14 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अनंतनाग विधानसभा उपचुनाव पर पाकिस्तान की भी नजर है। यहां से मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के मैदान में होने से चुनाव काफी रोचक हो गया है। अलगाववादियों के बहिष्कार का आह्वान भी बेअसर नजर आ रहा है।
विज्ञापन
शनिवार को आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन द्वारा अनंतनाग विधानसभा क्षेत्र में चुनाव बहिष्कार के पोस्टर चिपकाए जाने की भी सूचना है। हालांकि, माना जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन से उत्पन्न संवेदना के कारण उप चुनाव में मतदान का प्रतिशत पिछले चुनावों से बढ़ सकता है।
विज्ञापन
पाकिस्तान लगातार घाटी में जम्हूरियत के खिलाफ रहा है। वह किसी न किसी प्रकार इसमें खलल डालने की कोशिशें करता रहा है। आईएसआई तथा आतंकी संगठन लगातार यहां चुनाव से पहले गड़बड़ी फैलाने की साजिश रचते रहे हैं।
विज्ञापन
जून के शुरूआत में ही सुरक्षा बलों पर दो आतंकी हमलों को दहशत फैलाने की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है, ताकि लोग मतदान वाले दिन घरों से बाहर ही नहीं निकल सकें। अलगाववादियों की ओर से भी लगातार मतदान से दूर रहने की लोगों से अपील की जा रही है। लोगों तक बहिष्कार के संदेश पहुंचाए जा रहे हैं।
अनंतनाग से महबूबा की जीत हार का दोनों देशों के बीच संबंध पर भी सीधा असर पड़ेगा। महबूबा लगातार अमन शांति के लिए पाकिस्तान से बातचीत की हिमायती रहीं हैं। इस वजह से पाकिस्तान अनंतनाग उप चुनाव पर लगातार नजरें बनाए हुए है।