दिल्ली एयरपोर्ट से NIA दफ्तर तक मार्च निकालेंगे अलगाववादी, गिलानी और यासिन मलिक होंगे शामिल
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घाटी के अलगाववादी नेताओं ने 9 सितंबर को दिल्ली जाकर एनआईए के समक्ष गिरफ्तारी देने की घोषणा की है। प्रमुख अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज मौलवी उमर फारूक और मोहम्मद यासीन मालिक खुद ही दिल्ली जाकर अपनी गिरफ्तारी देंगे। उनके अनुसार आए दिन कश्मीरियों की आवाज को दबाया जा रहा है।
जेकेएलएफ के चेयरमैन यासीन मालिक ने जामिया मस्जिद में पत्रकार वार्ता में एनआईए को हिंदी फिल्म शोले का गब्बर सिंह बताते हुए कहा कि आए दिन कश्मीरियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। वे लोग दिल्ली एयरपोर्ट से एनआईए मुख्यालय तक मार्च करेंगे। केंद्र सरकार के इशारों पर एनआईए द्वारा आम कश्मीरियों और हुर्रियत नेताओं को दबाया जा रहा है।
पिछले कई महीनों से गिलानी, मीरवाइज और उनके खिलाफ मीडिया ट्रायल चलाया जा रहा है। हमारी छवि बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। मीडिया द्वारा यह दिखाया जा रहा है कि 300 रुपये के लिए कश्मीरी युवा पत्थरबाजी करते हैं, लेकिन लड़के पैसों के लिए अपनी जान नहीं दे रहे हैं। अब केंद्र 35ए और 370 को भी एक मुद्दा बनाकर उसके साथ छेड़छाड़ का प्रयास कर रही है।
जम्मू-कश्मीर विवादित क्षेत्र है: मीरवाइज उमर फारूक
हुर्रियत (एम) के अध्यक्ष मीरवाइज मौलवी उमर फारूक ने कहा कि हुर्रियत से जुड़े हर किसी को एनआईए द्वारा निशाना बनाया जा रहा है। कई व्यवसायियों को जेल भेजा गया। अब बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मियां कयूम को नोटिस जारी किया गया। क्या एनआईए यह साबित करना चाहती है कि कश्मीर में चाहे वह व्यवसायी हो, वकील, लेखक, कलाकार सब पैसों के लिए अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर विवादित क्षेत्र है और भारत-पाक इसमें दो पार्टियां हैं। यहां के स्टेट सब्जेक्ट धारक प्राइमरी पार्टी हैं और उन्हें अपना भविष्य चुनने का पूरा अधिकार है।