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चुनाव में खलेगी तीसरी आंख की कमी

Mon, 10 Nov 2014 02:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू Updated Mon, 10 Nov 2014 02:13 PM IST
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security loop, cctv cameras missing in jammu kashmir assembly election

रियासत की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए राज्य पुलिस को हर एक जिले पर तीसरी आंख रखने की जरूरत पड़ी, तो हर जिले में सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना बनाई, लेकिन अभी तक यह योजना अमल में नहीं आ सकी। इस पर पुलिस विभाग के एआईजी एजाज ककरू कहते हैं कि पैसों की कमी थी, इसलिए कैमरे नहीं लगा पाए। इनको जल्दी लगाने की कोशिश की जाएगी।

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रियासत में बढ़ते सड़क हादसों और वारदातों को रोकने के लिए पुलिस ने यह कदम उठाया, लेकिन स्थिति जस की तस है। विधानसभा चुनाव का आगाज हो गया है, यदि कैमरे लगाए गए होते तो पुलिस के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती। राजोरी में सिटी चौक पर पिछले 20 दिन से पत्थर मारने की घटना भी कैमरे में होती।
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288 कैमरे लगाए जाने हैं
रियासत के सभी 22 जिलों में कुल 288 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। इनमें से जम्मू में 41, कटड़ा में 33 ही लगाए गए हैं, जबकि रियासत के अन्य जिलों में अभी तक कैमरे नहीं लगाए गए हैं। हाल ही में कश्मीर में 39 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो अभी सही से काम नहीं कर रहे।
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नाइट फुटेज लेने में दम तोड़ रहे श्रीनगर के कैमरे
श्रीनगर शहर में मुख्य चौक चौराहों और भीड़भाड़ के इलाकों में 39 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, लेकिन अभी इन्होंने सही से काम करना शुरू नहीं किया। नाइट फुटेज लेने में कैमरे दम तोड़ रहे हैं। नाइट फुटेज की जांच के लिए पुलिस विभाग इन कैमरों का सर्वेक्षण कर रहा है, जिसकी अभी रिपोर्ट नहीं आई। यदि कश्मीर में रात के समय कोई घटना हो जाए तो कैमरे काम नहीं कर पाएंगे।

कटड़ा के कैमरे खराब

कटड़ा में कुल 33 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनमें से 24 ही ठीक हैं, बाकी के काम नहीं कर रहे। पिछले पांच दिन से कैमरे खराब पड़े हुए हैं।

...तो मजबूत होती राज्य की सुरक्षा

यदि रियासत के सभी जिलों में सीसीटीवी कैमरे लगे होते तो राज्य की सुरक्षा मजबूत होती। शहरों में होने वाली लूटखसोट की घटनाओं पर अंकुश लगता। विधानसभा चुनाव में सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए मदद होती। पुलिस को शहर में चल रही गतिविधियों पर नजर रखने में सहयोग होता। आम लोगों को उनके साथ होने वाली वारदात को अंजाम देने वाले कैमरे में कैद होते।

संवेदनशील जिले भी वंचित
योजना के तहत रियासत के संवेदनशील जिलों को तवज्जो दी जानी है। राजोरी, पुंछ, शोपियां, कुपवाड़ा, बारामुला, अनंतनाग, सोपोर जैसी जगहों पर जल्द से जल्द कैमरे लगाए जाने थे, लेकिन सिर्फ राजोरी शहर में 15 जगहों पर कैमरों के लिए टॉवर खड़े कर दिए, लेकिन कैमरे शुरू नहीं किए गए। बाकी के जिलों में टॉवर तक नहीं लगाए गए। संवेदनशील जिलों में आतंकी गतिविधियों पर भी बारीकी से नजर रखी जाती।


कैमरे में कैद होते राजोरी में पत्थर मारने वाले
राजोरी की सिटी चौक में पिछले 20 दिन से पत्थर और बोतलें मारने की घटनाएं पेश आ रही हैं। सिटी चौक पर भी सीसीटीवी कैमरे के लिए टॉवर लगाया गया है, लेकिन कैमरा नहीं। यदि कैमरा होता तो पत्थर मारने वाले कैमरे में कैद होते।

पैसों की कमी से लटकी योजना
पुलिस विभाग के एआईजी, प्रोविजन, एजाज ककरू का कहना है कि पैसों की कमी से कैमरों को नहीं लगा पाए। श्रीनगर, जम्मू और कटड़ा में कैमरे हैं।

विभाग कुछ तकनीकी समस्याओं की वजह से इस पर काम नहीं कर सका। हमारी कोशिश है कि जल्द ही इन कैमरों को लगाया जाए।
के राजिंद्रा, डीजीपी

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