{"_id":"5c29d60dbdec2257022f97c6","slug":"security-forces-killed-311-militants-in-year-2018-in-jammu-kashmir","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेना ने जम्मू-कश्मीर में इस साल मारी ट्रिपल सेंचुरी, ढेर किए वीरेंद्र सहवाग के रन जितने आतंकवादी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेना ने जम्मू-कश्मीर में इस साल मारी ट्रिपल सेंचुरी, ढेर किए वीरेंद्र सहवाग के रन जितने आतंकवादी
Mon, 31 Dec 2018 02:10 PM IST
Priyesh Mishra
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Priyesh Mishra
Updated Mon, 31 Dec 2018 02:10 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू कश्मीर में इस साल सुरक्षाबलों ने 311 आतंकियों को मार गिराया है। यह जानकारी सेना की 15 कॉर्प्स कमांडर के लेफ्टिनेंट जनरल अनिल कुमार भट्ट ने सोमवार को दी। उन्होंने कहा, 'सुरक्षाबलों के बीच बेहतरीन तालमेल और अभियान चलाने की स्वतंत्रता देने का परिणाम यह निकला कि इस साल 311 आतंकियों को ढेर किया गया है।'
पिछले एक दशक के दौरान में घाटी में मारे गए आतंकियों की यह संख्या सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2010 में सुरक्षाबलों ने 232 आतंकियों को मार गिराया था। गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, घाटी में पिछले साल की तुलना में इस साल आतंकी गतिविधियां बढ़ी हैं। पिछले साल 342 घटनाएं हुई थीं जबकि इस साल दिसंबर के पहले हफ्ते तक 429 घटनाएं हो चुकी हैं।
पिछले साल जहां 40 नागरिकों की मौत हुई थीं वहीं इस साल 77 नागरिक मारे गए हैं। इस साल 80 जवान शहीद हुए हैं जबकि पिछले साल भी इतने ही जवान शहीद हुए थे। घाटी में इस साल आतंकी हमले बढ़े हैं। इसकी वजह पाकिस्तानी आतंकियों को लोकल काडर से मिलने वाला साथ है।
विज्ञापन
ऐसा हाल तब है जब भारतीय सेना ने मुठभेड़ स्थलों पर पत्थरबाजी करने वालों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा था कि उन्हें आतंकियों के ओवर ग्राउंड सपोर्टर के तौर पर देखा जाएगा। आंकड़ों की बात करें तो दिसंबर के पहले हफ्ते तक 223 आतंकी मारे जा चुके हैं। केवल पिछले तीन हफ्तों के दौरान 88 आतंकियों को ढेर किया गया है।
विज्ञापन
पिछले एक दशक के दौरान में घाटी में मारे गए आतंकियों की यह संख्या सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2010 में सुरक्षाबलों ने 232 आतंकियों को मार गिराया था। गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, घाटी में पिछले साल की तुलना में इस साल आतंकी गतिविधियां बढ़ी हैं। पिछले साल 342 घटनाएं हुई थीं जबकि इस साल दिसंबर के पहले हफ्ते तक 429 घटनाएं हो चुकी हैं।
विज्ञापन
पिछले साल जहां 40 नागरिकों की मौत हुई थीं वहीं इस साल 77 नागरिक मारे गए हैं। इस साल 80 जवान शहीद हुए हैं जबकि पिछले साल भी इतने ही जवान शहीद हुए थे। घाटी में इस साल आतंकी हमले बढ़े हैं। इसकी वजह पाकिस्तानी आतंकियों को लोकल काडर से मिलने वाला साथ है।
विज्ञापन
ऐसा हाल तब है जब भारतीय सेना ने मुठभेड़ स्थलों पर पत्थरबाजी करने वालों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा था कि उन्हें आतंकियों के ओवर ग्राउंड सपोर्टर के तौर पर देखा जाएगा। आंकड़ों की बात करें तो दिसंबर के पहले हफ्ते तक 223 आतंकी मारे जा चुके हैं। केवल पिछले तीन हफ्तों के दौरान 88 आतंकियों को ढेर किया गया है।