कश्मीर में आतंकियों से निपटने को सुरक्षा बलों का संयुक्त एक्शन प्लान
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यह महज संयोग नहीं है कि पिछले अठारह दिनों से सुरक्षा बलों को आपरेशन आलआउट के तहत कोई बड़ी सफलता नहीं मिल पाई है। सेना और सुरक्षा बल प्रतिदिन एक दर्जन गांवों में तलाशी अभियान चला रहे हैं, लेकिन कोई आतंकी न तो गिरफ्तार हो सका है और न ही मारा जा सका है।
मुठभेड़ भी बंद है। शोपियां के अवनीरा में 12 अगस्त को हिजबुल के टॉप कमांडर मोहम्मद गजनवी समेत तीन आतंकियों के मारे जाने के बाद आतंकी संगठनों ने अपनी रणनीति बदल दी है। लिहाजा सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी नहीं मिल पा रही है।
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए सुरक्षा बलों ने आतंकियों से निपटने को संयुक्त एक्शन प्लान बनाया है। सुरक्षा बलों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक एजेंसियों को इनपुट मिले हैं कि हिजबुल और लश्कर-ए-तैयबा के अधिकांश आतंकियों ने जंगलों में शरण ले रखी है।
हेलीकाप्टरों से फोटोग्राफी और वीडियो बनाने की योजना
इस सूचना के बाद जंगलों में ड्रोन से निगरानी शुरू की जाएगी। जंगलों में आतंकियों के संभावित ठिकानों का पता लगाने के लिए हेलीकाप्टरों से फोटोग्राफी और वीडियो बनाने की योजना है।
कार्ययोजना के तहत जरूरत के हिसाब से ड्रोन और हेलीकाप्टरों की संख्या तय की जाएगी। वर्तमान में खास परिस्थितियों में ड्रोन और हेलीकाप्टर का इस्तेमाल होता रहा है। अब इसे नियमित करने की योजना है।
संयुक्त एक्शन प्लान के तहत सेना के ड्रोन और हेलीकाप्टर से मिली सूचना के आधार पर राष्ट्रीय रायफल्स, सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस की टीम जंगलों में खास स्थानों को खंगालेगी।
उत्तरी और दक्षिणी कश्मीर में एक साथ घर-घर तलाशी अभियान शुरू
सेना और सुरक्षा बलों के कासो के बाद हिजबुल और लश्कर के आतंकी बचाव की मुद्रा में आ गए हैं। अब ओवर ग्राउंड वर्करों की मदद से छिटपुट हत्याएं कराई जा रही हैं। यही कारण है कि हमले में किसी खास व्यक्ति, पुलिस अधिकारी, सियासी कार्यकर्ता या सुरक्षा बलों के कथित मुखबिर को निशाना बनाया जाता है।
बदली रणनीति के तहत हिज्ब और लश्कर छोटे हमले कर रहे हैं, जबकि बड़े हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद को दी गई है। जैश में अधिकांश आतंकी पाकिस्तानी हैं। इस रणनीति के तहत जैश के आतंकियों की पीओके से घुसपैठ तेज हो सकती है। लिहाजा एलओसी पर जवानों की संख्या बढ़ाई गई है।
घाटी में मौजूद जैश के दो फिदायीन दस्तों की तलाश के लिए उत्तरी और दक्षिणी कश्मीर में एक साथ घर-घर तलाशी अभियान तेज करने की योजना बनी है।