कला केंद्र में प्रदर्शनी देखने उमड़े स्कूली बच्चे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विश्व विरासत सप्ताह के उपलक्ष्य में बिक्रम चौक स्थित कला केंद्र में आयोजित हेरिटेज प्रदर्शनी के दूसरे दिन वीरवार को लोगों की भीड़ उमड़ी रही। स्कूली बच्चों के समूह बड़ी तादाद में अपनी विरासत को देखने के लिए उमड़े रहे।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर भाषा, संस्कृति और कला अकादमी के तत्वावधान में प्रदर्शनी का उद्घाटन बुधवार को हुआ था, जिसका समापन शुक्रवार को तीन बजे के बाद लोक कलाकारों की संगीतमय प्रस्तुतियों के साथ होगा।
जम्मू के कला केंद्र में आयोजित इस विरासत प्रदर्शनी में जहां लोगों द्वारा पुरानी कलाकृतियों को निकट से देखा जा रहा है, वहीं बसोहली आर्ट गैलरी में दर्शकों की भीड़ लगी रही। लोक कलाकारों की डोगरी धुनें, कश्मीरी संस्कृति, गोजरी और लेह, लद्दाख की प्राचीन कला भी उजागर हो रही है।
प्राचीन वाद्य यंत्रों को भी इस प्रदर्शनी में लोग देखना पसंद कर रहे हैं। कश्मीरी, गोजरी और डोगरी परिधान संस्कृति मूल्यों को भी आभूषणों सहित दर्शाया गया है।
आज होगी लोक कलाकारों की संगीतमय प्रस्तुति
इस विश्व विरासत सप्ताह के दूसरे दिन कला केंद्र में प्रदर्शित पांडुलिपियों को विभिन्न विषयों में शोध करने वाले विद्यार्थियों ने रुचि के साथ देखा। संस्कृत भाषा में लिखे प्राचीन ग्रंथों को भी संस्कृत के विद्यार्थियों ने देखा और सराहा।
देवनागरी और गुरुमुखी लिपि में हस्तलिखित शास्त्रों को भी जहां इस प्रदर्शनी में स्थान मिला है, गुरुमुखी लिपि में लिखित वाल्मीकि रामायण को भी लोग देख रहे हैं और इसके इतिहास के बारे में जानकारी ले रहे हैं। दूसरे दिन भी कुषाण कालीन, लोदीकालीन, सिख शासन कालीन, अकबर कालीन और डोगरा शासन कालीन के सिक्के विशेष आकर्षण के केंद्र बने रहे।
गीत संगीत शास्त्र में अध्ययन करने वालों के लिए प्राचीन वाद्ययंत्र नरसिंगा, सारंगी, इकतारा आकर्षण के केंद्र बने हुए हैं, जबकि विभिन्न धातुओं से निर्मित प्रतिमाएं सबको आकर्षित कर रही हैं।