टेरर फंडिंग केस में कार्रवाई हुई तो गिलानी बोले 'हम भारत की प्रगति और विकास चाहते हैं'
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आखिर 14 साल बाद अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का फार्मूला समझ में आया। वाजपेयी ने वर्ष 2003 में इंसानियत, कश्मीरियत और जम्हूरियत के जरिये कश्मीर विवाद सुलझाने की बात कही थी। अब गिलानी ने उसी फार्मूले से कश्मीर विवाद सुलझाने की अपील की है।
गिलानी का यह बयान उनके पहले लिए गए स्टैंड के उलट है, क्योंकि अभी तक वह वाजपेयी के इस विचार का विरोध करते रहे हैं। गिलानी का यह वीडियो तब आया है, जब एनआईए उनके दोनों बेटों और दामाद से टेरर फंडिंग मामले में पाकिस्तान से उन्हें मिले अवैध धन के बारे में पूछताछ कर रही है।
'हम यह मांग नहीं कर रहे कि भारत को अपने वैध क्षेत्र को छोड़ देना चाहिए'
अब वाजपेयी का जिक्र करते हुए गिलानी ने कहा कि कश्मीर दो देशों का अधूरा हिस्सा है और भारत और पाकिस्तान को बातचीत कर इसका हल निकालने की जरूरत है। सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें गिलानी ने कहा है कि भारत को कश्मीरियों को उनके अधिकार और स्वतंत्रता देने के अधिकार का वादा पूरा करने की जरूरत है।
वह कह रहे हैं, हम यह मांग नहीं कर रहे कि भारत को अपने वैध क्षेत्र को छोड़ देना चाहिए। हम भारत की प्रगति, विकास और आजादी चाहते हैं, लेकिन उन्हें जम्मू और कश्मीर के मूल अधिकार को न नहीं कहना चाहिए।