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'सैनिक कालोनी पर कार्य उमर सरकार के समय शुरू हुआ'
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Fri, 27 May 2016 11:29 PM IST
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भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव
- फोटो : Demo Pic.
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कश्मीर में सैनिक कालोनी बनाने को लेकर शुरू हुए विवाद पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने कहा कि यह कार्य उमर सरकार के कार्यकाल में शुरू हुआ था। उन्होंने कहा कि मुझे हैरानी है कि अब उमर इस पर विवाद क्यों कर रहे हैं।
वीरवार देर शाम महबूबा मुफ्ती से बैठक के बाद राम माधव ने शुक्रवार को श्रीनगर में भाजपा नेताओं के साथ भी बैठक की। इसमें उन्होंने पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार के कार्य पर संतुष्टि जताई।
बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मेरे यहां आने के पीछे मुख्य उद्देश्य था राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा से मिलकर पीडीपी-भाजपा गठबंधन की प्रगति को लेकर चर्चा करना, क्योंकि इस गठबंधन को एक महीना हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार अच्छी तरह से अपने पैर राज्य में जमा चुकी है और सुचारु रूप से आगे बढ़ रही है।
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माधव ने कहा कि उनकी मुख्यमंत्री के साथ बैठक सकारात्मक रही। कई मुद्दों पर चर्चा हुई। उम्मीद है कि सरकार लोगों के हित में कार्य करेगी। कश्मीरी पंडित कालोनी पर उन्होंने कहा कि कश्मीर के अलगाववादी इसे मुद्दा बनना चाह रहे हैं। विवाद खड़ा करना चाह रहे हैं।
माधव ने कहा कि मैंने खुद गिलानी और अन्य नेताओं को यह कहते सुना है कि कश्मीरी पंडित हमारे भाई हैं, लेकिन पता नहीं, किन्हीं रहस्मय कारणों के चलते वह इसे एक विवाद बनाना चाहते हैं। कश्मीरी पंडित मूल रूप से कश्मीर से संबंध रखते हैं, उन्हें कैसे वापस लाया जाए, इसके लिए हमें कश्मीरी पंडितों से विचार करने की जरूरत है।
जब मुफ्ती साहब थे, उन्होंने एक बैठक की थी पंडित लीडरशिप के साथ। उन्होंने यह भी कहा कि कैसे पूरे सम्मान और गरिमा के साथ कश्मीरी पंडितों को वापस लाया जाए, इसके लिए एक डायलॉग शुरू किया जाएगा, जिसमें कश्मीर सिविल सोसाइटी के सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा।
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वीरवार देर शाम महबूबा मुफ्ती से बैठक के बाद राम माधव ने शुक्रवार को श्रीनगर में भाजपा नेताओं के साथ भी बैठक की। इसमें उन्होंने पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार के कार्य पर संतुष्टि जताई।
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बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मेरे यहां आने के पीछे मुख्य उद्देश्य था राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा से मिलकर पीडीपी-भाजपा गठबंधन की प्रगति को लेकर चर्चा करना, क्योंकि इस गठबंधन को एक महीना हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार अच्छी तरह से अपने पैर राज्य में जमा चुकी है और सुचारु रूप से आगे बढ़ रही है।
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माधव ने कहा कि उनकी मुख्यमंत्री के साथ बैठक सकारात्मक रही। कई मुद्दों पर चर्चा हुई। उम्मीद है कि सरकार लोगों के हित में कार्य करेगी। कश्मीरी पंडित कालोनी पर उन्होंने कहा कि कश्मीर के अलगाववादी इसे मुद्दा बनना चाह रहे हैं। विवाद खड़ा करना चाह रहे हैं।
माधव ने कहा कि मैंने खुद गिलानी और अन्य नेताओं को यह कहते सुना है कि कश्मीरी पंडित हमारे भाई हैं, लेकिन पता नहीं, किन्हीं रहस्मय कारणों के चलते वह इसे एक विवाद बनाना चाहते हैं। कश्मीरी पंडित मूल रूप से कश्मीर से संबंध रखते हैं, उन्हें कैसे वापस लाया जाए, इसके लिए हमें कश्मीरी पंडितों से विचार करने की जरूरत है।
जब मुफ्ती साहब थे, उन्होंने एक बैठक की थी पंडित लीडरशिप के साथ। उन्होंने यह भी कहा कि कैसे पूरे सम्मान और गरिमा के साथ कश्मीरी पंडितों को वापस लाया जाए, इसके लिए एक डायलॉग शुरू किया जाएगा, जिसमें कश्मीर सिविल सोसाइटी के सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा।