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मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की सभा में हंगामा, आरक्षण की मांग को लेकर हुई नारेबाजी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Thu, 01 Feb 2018 10:40 AM IST
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श्री गुरु रविदास गुरुद्वारा, कृष्णा नगर में प्रकाशोत्सव समारोह में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के भाषण के दौरान एससी/एसटी/ओबीसी कर्मियों की पदोन्नति में आरक्षण की मांग को लेकर नारे गूंजे। सभा के नजदीक बैठे कुछ युवकों ने मुख्यमंत्री को बैनर दिखाकर नारेबाजी की।
इससे कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई। बिरादरी के सदस्यों ने युवकों को शांत करने की कोशिश की, मगर वे नारे लगाते रहे। इस पर मुख्यमंत्री ने खुद उठकर आश्वासन दिया कि वह आरक्षण की मांग पर गौर करेंगी। इसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच मुख्यमंत्री समारोह से लौट गईं।
समारोह में बतौर मुख्यमंत्री अतिथि मुख्यमंत्री अपना भाषण दे रही थीं तभी सभा के आगे बैठे युवक अनिल कुमार और अन्य ने बैनर उठाकर आरक्षण के लिए नारेबाजी करना शुरू कर दी। इस घटनाक्रम को देख मंच पर बैठे सभा के पदाधिकारी भौचक्के रह गए।
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किसी को कुछ समझ नहीं आया। बिरादरी से कुछ सदस्यों ने युवकों को सभा से बाहर निकालने की कोशिश की। लेकिन वे नारे लगाते रहे। इस घटना से गुस्साए बिरादरी के कुछ सदस्यों ने अनिल को सभा से बाहर लाते समय हाथापाई की।
पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए अनिल को बाहर लाया। सभा के बाहर अनिल ने खुद को ला छात्र बताते हुए कहा कि वह रैलियों में जाकर थक चुका है। मुख्यमंत्री के सामने आरक्षण की मांग को रखने के लिए ही वह सभा में आया था। मेरा कार्यक्रम खराब करने का कोई इरादा नहीं था।
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इससे कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई। बिरादरी के सदस्यों ने युवकों को शांत करने की कोशिश की, मगर वे नारे लगाते रहे। इस पर मुख्यमंत्री ने खुद उठकर आश्वासन दिया कि वह आरक्षण की मांग पर गौर करेंगी। इसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच मुख्यमंत्री समारोह से लौट गईं।
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समारोह में बतौर मुख्यमंत्री अतिथि मुख्यमंत्री अपना भाषण दे रही थीं तभी सभा के आगे बैठे युवक अनिल कुमार और अन्य ने बैनर उठाकर आरक्षण के लिए नारेबाजी करना शुरू कर दी। इस घटनाक्रम को देख मंच पर बैठे सभा के पदाधिकारी भौचक्के रह गए।
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किसी को कुछ समझ नहीं आया। बिरादरी से कुछ सदस्यों ने युवकों को सभा से बाहर निकालने की कोशिश की। लेकिन वे नारे लगाते रहे। इस घटना से गुस्साए बिरादरी के कुछ सदस्यों ने अनिल को सभा से बाहर लाते समय हाथापाई की।
पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए अनिल को बाहर लाया। सभा के बाहर अनिल ने खुद को ला छात्र बताते हुए कहा कि वह रैलियों में जाकर थक चुका है। मुख्यमंत्री के सामने आरक्षण की मांग को रखने के लिए ही वह सभा में आया था। मेरा कार्यक्रम खराब करने का कोई इरादा नहीं था।
महबूबा ने अलग मुसलिम राष्ट्र को नकारा
खुद को गांव देआड़ी का निवासी बताते हुए अनिल ने कहा कि वह बाबा साहेब अंबेडकर का समर्थक है। उसके साथ जिन युवकों ने प्रदर्शन किया वह उसके फेसबुक के फालोअर्स हैं और आगे भी वह आरक्षण के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
उसने कहा कि कुछ राजनीतिक स्तर के लोगों ने उस पर हमला किया है। इस घटना के बाद उसे जान का खतरा है। इस घटना के बाद मंच से घोषणा की गई कि मुख्यमंत्री ने आरक्षण की मांग पर आश्वासन दिया है।
लेकिन नारेबाजी की घटना को गलत बताया गया। ऐसे मामलों को तय कार्यक्रम में रखा जाना चाहिए। इस घटना को सभा के दो गुटों में विवाद को लेकर भी देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अलग मुस्लिम राष्ट्र की मांग को नकारा है। उनका कहना है कि जम्मू-कश्मीर देश के विभाजन में कोई पार्टी नहीं रहा। हम धर्म के आधार पर बंटवारे का समर्थन नहीं करैते हैं।
मैं देश में ऐसे मुसलिमों की मांग को नकारती हूं जो अलग राष्ट्र की मांग कर रहे हैं। डिप्टी ग्रेंड मुफ्ती जम्मू-कश्मीर नासिर उल इसलाम के अलग मुसलिम राष्ट्र की मांग पर महबूबा ने टिवट पर यह जवाब दिया।
उसने कहा कि कुछ राजनीतिक स्तर के लोगों ने उस पर हमला किया है। इस घटना के बाद उसे जान का खतरा है। इस घटना के बाद मंच से घोषणा की गई कि मुख्यमंत्री ने आरक्षण की मांग पर आश्वासन दिया है।
लेकिन नारेबाजी की घटना को गलत बताया गया। ऐसे मामलों को तय कार्यक्रम में रखा जाना चाहिए। इस घटना को सभा के दो गुटों में विवाद को लेकर भी देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अलग मुस्लिम राष्ट्र की मांग को नकारा है। उनका कहना है कि जम्मू-कश्मीर देश के विभाजन में कोई पार्टी नहीं रहा। हम धर्म के आधार पर बंटवारे का समर्थन नहीं करैते हैं।
मैं देश में ऐसे मुसलिमों की मांग को नकारती हूं जो अलग राष्ट्र की मांग कर रहे हैं। डिप्टी ग्रेंड मुफ्ती जम्मू-कश्मीर नासिर उल इसलाम के अलग मुसलिम राष्ट्र की मांग पर महबूबा ने टिवट पर यह जवाब दिया।