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Rubaiya Sayeed Case: जम्मू के टाडा कोर्ट में रुबिया सईद अपहरण मामले में हुई सुनवाई, यसीन मलिक वर्चुअली हुआ पेश
Thu, 20 Oct 2022 01:35 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Thu, 20 Oct 2022 01:35 PM IST
सार
रूबिया सईद अपहरण मामले में गुरुवार को जम्मू के टाडा कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान कश्मीरी अलगाववादी नेता एवं आतंकी यसीन मलिक को वर्चुअली मोड से पेश किया गया। उसे भौतिक तौर पर कोर्ट में पेश होने की अनुमति नहीं दी गई।
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रूबिया सईद (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबिया सईद अपहरण मामले में गुरुवार को जम्मू के टाडा कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान कश्मीरी अलगाववादी नेता एवं आतंकी यसीन मलिक को वर्चुअली मोड से पेश किया गया। उसे भौतिक तौर पर कोर्ट में पेश होने की अनुमति नहीं दी गई।
मामले में मुख्य अभियोजक मोनिका कोहली ने बताया कि रुबिया सईद अपहरण मामले में सुनवाई हुई। यासीन मलिक को अदालत द्वारा पेश किए गए वारंट के अनुसार अदालत में पेश किया जाना था, लेकिन उसके एमएचए के आदेश के कारण पेश नहीं किया गया। मामले में वह वर्चुअली तौर पर पेश हुआ।
क्या है मामला
1989 में घर लौटते वक्त रूबिया सईद का अपहरण कर लिया गया था। इसके बदले यासीन के संगठन ने पांच आतंकियों को छोड़ने की मांग रखी। सरकार ने इस मांग को मानते हुए पांचों आतंकियों को छोड़ दिया था, लेकिन इसके बाद इस मामले की जांच शुरू की गई और जांच सीबीआई को सौंपी गई।
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सीबीआई ने जांच करने के बाद आरोपपत्र दायर किया। अब मामला टाडा कोर्ट में है। यासीन मलिक पर एयरफोर्स के पांच अफसरों की हत्या का केस भी दर्ज है। यासीन मलिक को टेरर फंडिंग मामले में दिल्ली की विशेष अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
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मामले में मुख्य अभियोजक मोनिका कोहली ने बताया कि रुबिया सईद अपहरण मामले में सुनवाई हुई। यासीन मलिक को अदालत द्वारा पेश किए गए वारंट के अनुसार अदालत में पेश किया जाना था, लेकिन उसके एमएचए के आदेश के कारण पेश नहीं किया गया। मामले में वह वर्चुअली तौर पर पेश हुआ।
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क्या है मामला
1989 में घर लौटते वक्त रूबिया सईद का अपहरण कर लिया गया था। इसके बदले यासीन के संगठन ने पांच आतंकियों को छोड़ने की मांग रखी। सरकार ने इस मांग को मानते हुए पांचों आतंकियों को छोड़ दिया था, लेकिन इसके बाद इस मामले की जांच शुरू की गई और जांच सीबीआई को सौंपी गई।
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सीबीआई ने जांच करने के बाद आरोपपत्र दायर किया। अब मामला टाडा कोर्ट में है। यासीन मलिक पर एयरफोर्स के पांच अफसरों की हत्या का केस भी दर्ज है। यासीन मलिक को टेरर फंडिंग मामले में दिल्ली की विशेष अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी।