{"_id":"577243e34f1c1bcb7379c1bc","slug":"rubaiya-hassan-was-awarded-cadence-gold-medal","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनंतनाग की रूबिया को आईआईटी कानपुर का सर्वश्रेष्ठ सम्मान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनंतनाग की रूबिया को आईआईटी कानपुर का सर्वश्रेष्ठ सम्मान
ब्यूरो, अमर उजाला/कानपुर
Updated Tue, 28 Jun 2016 03:01 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आईआईटी से मैटेरियल साइंस एंड मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में एमटेक करने वाली जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले की रूबिया हसन ने अलगाववादियों को आइना दिखाया है। सामाजिक बंधन को तोड़कर पढ़ाई की और अब विदेश से पीएचडी करने का इरादा है। बेस्ट परफारमेंस के बाद भी रूबिया ने जॉब ऑफ स्वीकार नहीं किया।
विज्ञापन
आईआईटी के दीक्षांत समारोह मेें सोमवार को रूबिया हसन को केडेंस गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया गया। यह सर्वश्रेष्ठ खिताब होता है। एनआईटी श्रीनगर से बीटेक (88 फीसदी) करने वाली रूबिया कहती हैं कि घाटी की लड़कियां बुद्धिमान हैं, फिर भी सामाजिक भेदभाव पढ़ाई में बाधा डाल रही है। पढ़ने की आजादी नहीं है।
विज्ञापन
हमारा परिवार (पिता गुलाम हसन बट (रिटायर टीचर), मां जोहेरा बानो, चार भाई और दो बहन) पढ़ा-लिखा है, इसलिए सामाजिक भेदभाव आड़े नहीं आया। घर से बाहर निकलकर उच्च शिक्षा की पढ़ाई पूरी की है। विवाद को लेकर पिछले दिनों चर्चा में आए एनआईटी श्रीनगर के मुद्दे पर रूबिया ने कहा कि इसमें कुछ नया नहीं है।
विज्ञापन
भारत-पाकिस्तान के बीच जब भी क्रिकेट मैच होता है, विवाद होता ही है। इस बार इसे तूल दे दिया गया। रूबिया ने राजनीति से संबंधित सवालों का जवाब नहीं दिया, लेकिन इतना जरूर कहा कि घाटी के लोगों का दर्द समझने में सब नाकाम हैं। इसी का नतीजा है कि अशिक्षा और बेरोजगारी बढ़ी है।