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J&K: इस साल सीमा पर पाक की नापाक हरकतों से शहीद हुए 24 जवान समेत 28 आम नागरिक
एजेंसी, जम्मू
Updated Mon, 01 Oct 2018 09:20 PM IST
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- फोटो : फाइल
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गृह मंत्रालय ने एक आरटीआई आवेदन के जवाब में कहा कि इस साल के पहले सात महीने में जम्मू-कश्मीर में हुई संघर्ष विराम उल्लंघन की 1,435 घटनाओं में 52 लोगों की मौत हो गयी और 232 लोग घायल हो गए। कार्यकर्ता रमन शर्मा द्वारा दायर आरटीआई आवेदन के जवाब में गृह मंत्रालय द्वारा मुहैया कराए गए आंकड़ों के मुताबिक इस साल जुलाई के अंत तक 28 आम नागरिकों की मौत हो गयी, वहीं 12 सैन्यकर्मी और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के 12 जवान शहीद हुए हैं।
गृह मंत्रालय के जम्मू-कश्मीर मामलों की निदेशक सुलेखा द्वारा मुहैया कराए गए आंकड़ों के मुताबिक इसी अवधि में नियंत्रण रेखा पर हुई संघर्ष विराम उल्लंघन की 945 घटनाओं में 140 आम नागरिक, 45 सैन्यकर्मी और 47 बीएसएफ कर्मी घायल हो गए जबकि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर यह संख्या 490 थी।
गृह मंत्रालय ने बताया कि पिछले साल हुई संघर्ष विराम उल्लंघन की 971 घटनाओं में से 860 नियंत्रण रेखा और 111 अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हुईं जिनमें 12 आम नागरिकों की मौत हुई, 15 सैन्यकर्मियों और चार बीएसएफ कर्मियों शहीद हुए और 79 आम नागरिकों, 58 सैन्यकर्मियों एवं 14 बीएसएफ कर्मियों सहित 151 लोग घायल हो गए।
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2016 में जम्मू-कश्मीर में संघर्ष विराम उल्लंघन की 439 घटनाएं हुईं जिनमें 13 आम नागरिकों की मौत हुई, आठ सैन्यकर्मियों एवं पांच बीएसएफ कर्मियों शहीद हुए, जबकि 83 आम नागरिकों सहित 182 लोग घायल हो गए। जम्मू-कश्मीर में भारत और पाकिस्तान के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा बीएसएफ करता है जबकि नियंत्रण रेखा की पहरेदारी सेना करती है।
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गृह मंत्रालय के जम्मू-कश्मीर मामलों की निदेशक सुलेखा द्वारा मुहैया कराए गए आंकड़ों के मुताबिक इसी अवधि में नियंत्रण रेखा पर हुई संघर्ष विराम उल्लंघन की 945 घटनाओं में 140 आम नागरिक, 45 सैन्यकर्मी और 47 बीएसएफ कर्मी घायल हो गए जबकि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर यह संख्या 490 थी।
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गृह मंत्रालय ने बताया कि पिछले साल हुई संघर्ष विराम उल्लंघन की 971 घटनाओं में से 860 नियंत्रण रेखा और 111 अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हुईं जिनमें 12 आम नागरिकों की मौत हुई, 15 सैन्यकर्मियों और चार बीएसएफ कर्मियों शहीद हुए और 79 आम नागरिकों, 58 सैन्यकर्मियों एवं 14 बीएसएफ कर्मियों सहित 151 लोग घायल हो गए।
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2016 में जम्मू-कश्मीर में संघर्ष विराम उल्लंघन की 439 घटनाएं हुईं जिनमें 13 आम नागरिकों की मौत हुई, आठ सैन्यकर्मियों एवं पांच बीएसएफ कर्मियों शहीद हुए, जबकि 83 आम नागरिकों सहित 182 लोग घायल हो गए। जम्मू-कश्मीर में भारत और पाकिस्तान के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा बीएसएफ करता है जबकि नियंत्रण रेखा की पहरेदारी सेना करती है।