फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   rss will review functioning of jammu and Kashmir government

जम्मू-कश्मीर सरकार के कामकाज की समीक्षा करेगा संघ

Sat, 04 Jul 2015 11:57 AM IST
Updated Sat, 04 Jul 2015 11:57 AM IST
विज्ञापन
rss will review functioning of jammu and Kashmir government

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ जम्मू-कश्मीर में पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार के चार महीने के कार्यकाल की समीक्षा करेगा। इस सिलसिले में संघ प्रमुख मोहन भागवत को छोड़ कर संघ के अन्य सभी वरिष्ठ नेता 14 जुलाई को जम्मू में मंथन करेंगे।

विज्ञापन


दरअसल, भाजपा को पीडीपी के साथ सरकार बनाने के लिए हरी झंडी दिखाने के बाद संघ ने खासतौर से कश्मीर घाटी के लोगों को राष्ट्र की मुख्यधारा से जोड़ने, विकास के माध्यम से सूबे के लोगों की सोच बदलने और अनुच्छेद 370 को खत्म करने के पक्ष में माहौल बनाने का सुझाव दिया था।
विज्ञापन


संघ के एजेंडे में कश्मीरी पंडितों की घाटी में वापसी का मुद्दा भी अहम था। संघ की राय थी कि सरकार बनाने के बाद समर्थकों, मतदाताओं और देश के अन्य हिस्सों में भाजपा की पहचान साफ नजर आनी चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

चार महीनों में क्या क‌िया गठबंधन सरकार ने

rss will review functioning of jammu and Kashmir government

राज्य में सरकार गठन को चार महीने हो चुके हैं। संघ यह जानना चाहता है कि नई सरकार उनके सुझावों को कितनी तवज्जो दे रही है। बैठक में मुख्य रूप से सरकार्यवाह भैयाजी जोशी, दत्तात्रेय होसबोले और संघ में भाजपा के प्रभारी कृष्ण गोपाल शिरकत करेंगे।

संघ के पदाधिकारी भाजपा के साथ राज्य सरकार की कार्यप्रणाली के संबंध में अनुभव साझा करेंगे और कुछ जरूरी सुझाव भी देंगे। संघ के एक वरिष्ठ नेता का कहना था कि चूंकि सूबे में पीडीपी के साथ सरकार बनाना एक समय असंभव बात थी।

मगर बाद में संघ ने महसूस किया कि सरकार बना कर राज्य में अनुच्छेद 370 के खिलाफ माहौल तैयार करने के साथ-साथ विकास के माध्यम से युवाओं को राष्ट्र की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है।

उक्त नेता के मुताबिक, सवाल केवल सरकार में शामिल होने का नहीं है बल्कि बड़ा सवाल यह है कि क्या भाजपा सरकार में शामिल होकर अपनी अलग पहचान कायम रख पा रही है या नहीं।

कश्मीरी पंडितों की वापसी सबसे अहम

rss will review functioning of jammu and Kashmir government

संघ का मानना है कि अगर कश्मीर में कश्मीरी पंडितों की वापसी कराई गई तो यह हर दृष्टि से एक बड़ी सफलता होगी। हालांकि, पुनर्वास के काम में फिलहाल बड़ी बाधा है।

केंद्र सरकार अलग टाउनशिप में उनका पुनर्वास चाहती है, जबकि पीडीपी ने अब भी इस मामले में अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। संघ का मानना है कि केंद्र को न केवल अपने रुख पर अडिग रहना चाहिए, बल्कि इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed