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कश्मीर में शिक्षण संस्थानों में अलगाववादियों की पैठ पर संघ गंभीर

Sat, 22 Jul 2017 08:46 PM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र,अमर उजाला/जम्मू
राघवेंद्र नारायण मिश्र,अमर उजाला/जम्मू Updated Sat, 22 Jul 2017 08:46 PM IST
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RSS is serious on issue of separatists effect on educational institutions in kashmir
MOHAN BHAGWAT - फोटो : Amar Ujala
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने कश्मीर में शिक्षण संस्थानों में माहौैल बिगाड़ने की अलगाववादियों की साजिश को नाकाम किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। अलगाववादियों ने हाल के दिनों में घाटी में शिक्षण संस्थानों में पैठ बना ली है। इस कारण श्रीनगर के एनआईटी जैसे संस्थानों में दूसरे प्रांतों के छात्रों की सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ है।
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आतंकियों द्वारा एनआईटी की बेबसाइट तीन बार हैक किए जाने में भी संघ ने अलगाववादियों की साजिश को महसूस किया है। सेना और सुरक्षा बलों पर स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा पत्थरबाजी को भी कश्मीर में शैक्षणिक माहौल बिगाड़ने की बड़ी साजिश का हिस्सा माना गया है।
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संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी ने केंद्र और राज्य सरकार को इस मुद्दे पर सचेत किया है। जम्मू कश्मीर में बिगड़े माहौल के बीच संघ ने जम्मू में अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक और कार्यकारिणी की बैठक कर अलगाववादियों और आतंकियों को सख्त संदेश दिया है। 
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कश्मीरी अलगाववादियों पर सख्त कार्रवाई पर जोर

RSS is serious on issue of separatists effect on educational institutions in kashmir
MOHAN BHAGWAT - फोटो : Amar Ujala

संघ से जुड़े सूत्रों के मुताबिक प्रांत प्रचारकों, क्षेत्रीय प्रचारकों और कार्यकारिणी की बैठक में विस्तार से चर्चा के बाद संघ ने कश्मीर में पाकिस्तान की साजिश के प्रति सरकार को अगाह है। संघ ने कश्मीर में अलगाववादियों द्वारा आजादी आंदोलन के नाम पर हिंसा को बढ़ावा और आतंकियों को महिमामंडित किए जाने को राष्ट्रद्रोही गतिविधि मानते हुए सख्त कार्रवाई पर जोर दिया है।

आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद घाटी में 35 स्कूलों को जलाए जाने और 40 को क्षतिग्रस्त करने की कार्रवाई को भी संघ गंभीर साजिश का हिस्सा मानता है। संघ की मान्यता है कि ऐसा कर अलगाववादी कश्मीरी बच्चों को किताबों से दूर कर उनके हाथों में बंदूक थमाने की साजिश रच रहे हैं।

संघ अलगाववादियों को मिल रही सरकारी सुविधाओं के भी खिलाफ है। संघ ने कुछ अलगाववादियों की सुरक्षा कम किए जाने को सराहते हुए केंद्र और राज्य सरकार को अलगाववादियों पर सख्त कार्रवाई की नसीहत दी है।

बहावी आतंक पर अकुंश लगाने पर जोर 

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MOHAN BHAGWAT - फोटो : Amar Ujala
कश्मीर में हाल के दिनों में बहावी मस्जिदों की संख्या बढ़ी है। घाटी में लगभग 7500 मस्जिदें और 200 दरगाहें हैं। इनमें अधिकांश हनाफी मस्जिदें हैं। लगभग 1000 मस्जिदें बहावी विचारधारा के प्रभुत्व वाली है जिनसे खुलेआम आतंक को बढ़ावा देने की गतिविधियां हो रही हैं। संघ ने इन मस्जिदों से आईएस की विचारधारा के प्रसार को राष्ट्र के लिए खतरनाक माना है। 

आतंक की अर्थव्यवस्था पर चोट जरूरी
संघ ने अलगाववादियों को आतंक फैलाने के लिए पाकिस्तान से हो रही फंडिंग पर सख्त कार्रवाई की जरूरत महसूस की है। इस बाबत एनआईए द्वारा की जा रही कार्रवाई का संघ ने स्वागत किया है। संघ की कार्यकारिणी ने माना है कि आतंक के खात्मे के लिए उसकी अर्थव्यवस्था पर गहरी चोट जरूरी है। 
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