{"_id":"5dff93f98ebc3e879d41f3a4","slug":"rohingyas-will-not-get-citizenship-in-india-cab-is-completely-rules-related-sambit-patra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"रोहिंग्याओं को भारत में नहीं मिलेगी नागरिकता, सीएए पूरी तरह नियम संगत: संबित पात्रा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोहिंग्याओं को भारत में नहीं मिलेगी नागरिकता, सीएए पूरी तरह नियम संगत: संबित पात्रा
Sun, 22 Dec 2019 09:34 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Sun, 22 Dec 2019 09:34 PM IST
विज्ञापन
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने मोदी सरकार के नागरिकता संशोधन कानून को पूरी तरह से नियम संगत बताते हुए कहा जो लोग रोहिंग्याओं को नागरिकता देने की बात करते हैं वह कान खोलकर सुन लें, ऐसा कभी नहीं होगा। वर्मा या म्यांमार के साथ ऐसी कोई संधि भारत ने कभी नहीं की। वहीं 1950 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू और पाकिस्तान के लियाकत अली में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए संधि हुई थी। इसी संधि को आधार बनाकर नागरिकता संशोधन कानून लाया गया है।
जम्मू में बाबा कैलख देव स्थान बनतालाब में विहिप की तरफ से आयोजित नागरिकता संशोधन अधिनियम भ्रम और तथ्य विषय पर गोष्ठी और चैंबर हाउस में व्यापारियों के साथ बैठक में संबित पात्रा ने कहा कि नेहरू-लियाकत अली में हुई संधि पर भारत पूरी तरह से खरा उतरा। उसने अल्पसंख्यकों की पूरी सुरक्षा की। विभाजन के समय भारत में 9 फीसदी अल्पसंख्यक थे जो वर्तमान में बढ़कर 26 फीसदी हो गए हैं, लेकिन पाकिस्तान ने संधि के साथ विश्वासघात किया। वहां पर विभाजन के समय 24 फीसदी अल्पसंख्यक (हिंदू, सिख आदि) जो अब मात्र 1.2 फीसदी रह गए हैं।
सोनिया और राहुल पर निशाना
पात्रा ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि नेहरू की संधि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगे बढ़ा रहे हैं जबकि नेहरू की कांग्रेस ही इसका विरोध कर रही है। उन्होंने कहा नागरिकता संशोधन कानून में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के अल्पसंख्यक जिसमें हिंदू, सिख, ईसाई, पारसी आदि हैं वह अगर इन इस्लामी देशों में प्रताड़ित होकर 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में आए हुए हैं तो उन्हें भारत की नागरिकता मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जम्मू में बाबा कैलख देव स्थान बनतालाब में विहिप की तरफ से आयोजित नागरिकता संशोधन अधिनियम भ्रम और तथ्य विषय पर गोष्ठी और चैंबर हाउस में व्यापारियों के साथ बैठक में संबित पात्रा ने कहा कि नेहरू-लियाकत अली में हुई संधि पर भारत पूरी तरह से खरा उतरा। उसने अल्पसंख्यकों की पूरी सुरक्षा की। विभाजन के समय भारत में 9 फीसदी अल्पसंख्यक थे जो वर्तमान में बढ़कर 26 फीसदी हो गए हैं, लेकिन पाकिस्तान ने संधि के साथ विश्वासघात किया। वहां पर विभाजन के समय 24 फीसदी अल्पसंख्यक (हिंदू, सिख आदि) जो अब मात्र 1.2 फीसदी रह गए हैं।
विज्ञापन
सोनिया और राहुल पर निशाना
पात्रा ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि नेहरू की संधि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगे बढ़ा रहे हैं जबकि नेहरू की कांग्रेस ही इसका विरोध कर रही है। उन्होंने कहा नागरिकता संशोधन कानून में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के अल्पसंख्यक जिसमें हिंदू, सिख, ईसाई, पारसी आदि हैं वह अगर इन इस्लामी देशों में प्रताड़ित होकर 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में आए हुए हैं तो उन्हें भारत की नागरिकता मिलेगी।
विज्ञापन
तीनों इस्लामी राष्ट्र, मुस्लिमों को प्रताड़ना नहीं
कुछ लोग कह रहे हैं कि म्यांमार से आए रोहिंग्याओं को भी नागरिकता दो। श्रीलंका के तमिलों को नागरिकता दो। पाकिस्तान में प्रताड़ित हो रहे शिया व अहमदियाओं को नागरिकता दो। उन्हें यह समझना होगा कि भारत का कभी हिस्सा रहे पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए यह अधिनियम लाया गया है। यह धर्म के आधार पर लाया गया है क्योंकि यह तीनों देश इस्लामी राष्ट्र हैं और वहां पर मुस्लिमों को प्रताड़ना कभी सहन नहीं करनी पड़ेगी। अन्य धर्म के लोगों को ही प्रताड़ना सहन करनी पड़ रही है।
देश में दंगे कराने की कोशिश
उन्होंने कहा विपक्ष अनुच्छेद 370 व 35ए हटने पर एक गोली भी न चलने से हैरान था। श्री राम मंदिर पर फैसले के बाद शांतिपूर्ण हालात से परेशान था और हैरान भी। ट्रिपल तलाक के बाद देश में रही शांति से भी विपक्ष स्तब्ध था। ऐसे में उसने नागरिकता संशोधन अधिनियम पर देश में आग लगाने व दंगे करवाने की कोशिश की है, लेकिन मोदी के नए इंडिया में हिंदुस्तान को जलाने की कोशिश कामयाब नहीं होगी।
कुछ लोग कह रहे हैं कि म्यांमार से आए रोहिंग्याओं को भी नागरिकता दो। श्रीलंका के तमिलों को नागरिकता दो। पाकिस्तान में प्रताड़ित हो रहे शिया व अहमदियाओं को नागरिकता दो। उन्हें यह समझना होगा कि भारत का कभी हिस्सा रहे पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए यह अधिनियम लाया गया है। यह धर्म के आधार पर लाया गया है क्योंकि यह तीनों देश इस्लामी राष्ट्र हैं और वहां पर मुस्लिमों को प्रताड़ना कभी सहन नहीं करनी पड़ेगी। अन्य धर्म के लोगों को ही प्रताड़ना सहन करनी पड़ रही है।
देश में दंगे कराने की कोशिश
उन्होंने कहा विपक्ष अनुच्छेद 370 व 35ए हटने पर एक गोली भी न चलने से हैरान था। श्री राम मंदिर पर फैसले के बाद शांतिपूर्ण हालात से परेशान था और हैरान भी। ट्रिपल तलाक के बाद देश में रही शांति से भी विपक्ष स्तब्ध था। ऐसे में उसने नागरिकता संशोधन अधिनियम पर देश में आग लगाने व दंगे करवाने की कोशिश की है, लेकिन मोदी के नए इंडिया में हिंदुस्तान को जलाने की कोशिश कामयाब नहीं होगी।
डॉ. मनमोहन को प्रताड़ना का पता, सोनिया को नहीं
संबित पात्रा ने कहा पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को पता है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक होने का मतलब क्या है। उनका परिवार भी प्रताड़ित होकर पाकिस्तान से भारत आया है और उन्होंने 2013 में संसद में आग्रह किया था कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक जो प्रताड़ित हैं उन्हें भारत में नागरिकता मिले। सोनिया गांधी बाहर से आई हैं उन्हें प्रताड़ना के दंश का पता नहीं है।
कश्मीरी पंडितों के मामले में गूंगे रहे लोग अब बोल रहे
संबित पात्रा ने विपक्षी नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा अपने ही देश में जब कश्मीरी पंडितों को विस्थापित होना पड़ा तो अब जो लोग विपक्ष में हैं वह उस समय गूंगे बन गए। कश्मीर में ही कश्मीरी पंडितों को बाहर निकाला गया। उन्होंने कहा ममता बनर्जी भी पहले संसद में हाथ जोड़कर कहती थीं कि घुसपैठ कर आए बांग्लादेशियों को बंगाल से बाहर निकाला जाए लेकिन वही अब नागरिकता संशोधन का विरोध कर रही हैं।
संबित पात्रा ने कहा पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को पता है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक होने का मतलब क्या है। उनका परिवार भी प्रताड़ित होकर पाकिस्तान से भारत आया है और उन्होंने 2013 में संसद में आग्रह किया था कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक जो प्रताड़ित हैं उन्हें भारत में नागरिकता मिले। सोनिया गांधी बाहर से आई हैं उन्हें प्रताड़ना के दंश का पता नहीं है।
कश्मीरी पंडितों के मामले में गूंगे रहे लोग अब बोल रहे
संबित पात्रा ने विपक्षी नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा अपने ही देश में जब कश्मीरी पंडितों को विस्थापित होना पड़ा तो अब जो लोग विपक्ष में हैं वह उस समय गूंगे बन गए। कश्मीर में ही कश्मीरी पंडितों को बाहर निकाला गया। उन्होंने कहा ममता बनर्जी भी पहले संसद में हाथ जोड़कर कहती थीं कि घुसपैठ कर आए बांग्लादेशियों को बंगाल से बाहर निकाला जाए लेकिन वही अब नागरिकता संशोधन का विरोध कर रही हैं।