सिर्फ नाम का रह गया सड़क सुरक्षा सप्ताह
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सड़क सुरक्षा सप्ताह रविवार यानी आज से शुरू हो गया है। इसमें यातायात, पुलिस और परिवहन विभाग मिलकर एक हफ्ते तक नियमों का पाठ पढ़ाएंगे ताकि लोग जान सकें कि सड़कों पर सुरक्षा किस तरह से हो सकती है।
इस सप्ताह में रैश ड्राइविंग, ट्रिपल सवारी, बिना हेलमेट के वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई की जाती है। लेकिन सच तो यह है कि सुरक्षित यातायात देने में इन विभागों का प्रयास सिर्फ सड़क सुरक्षा सप्ताह तक ही सीमित है।
बीते वर्ष जम्मू जिले में हुए सड़क हादसे बताते हैं कि ये विभाग कितना सुरक्षित यातायात दे पाए हैं। 2014 में जम्मू जिले में 1070 सड़क हादसे हुए। इसमें 129 लोगों की जान चली गई और 1289 लोग घायल हो गए।
इन आंकड़ों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जम्मू में यातायात कितना सुरक्षित है। अब फिर अगले एक हफ्ते तक तीनों विभाग मिलकर स्कूलों, कालेजों, वाहन चालकों को यातायात नियमों के बारे जागरूक करेंगे।
कई तरह की गतिविधियां आयोजित होंगी। लेकिन हकीकत तो यह है कि साल भर में वाहन चालकों को किसी प्रकार की जानकारी नहीं दी जाती। चालकों का कभी स्वास्थ्य चेक नहीं किया जाता।
सिर्फ सड़क सुरक्षा सप्ताह में ही चालकों के स्वास्थ्य की जांच को मेडिकल कैंप लगाया जाता है।
बंद पडे ट्रैफिक सिगनल, कोई नियम नहीं
करोड़ों रुपये खर्च कर शहर में ट्रैफिक सिगनल लगाए गए। हाल यह है कि अधिकतर ट्रैफिक लाइटें बंद पड़ी हैं। करीब 30 जगहों पर लगी इन लाइटों में 5 से 6 लाइटें ही चल रही हैं। ऐसे में ट्रैफिक कर्मचारियों को यातायात दुरुस्त बनाए रखने में पसीना छूट रहा है।
शहर में चलने वालीं मेटाडोर के लिए कोई नियम नहीं हैं। सवारियों को जहां जरूरत पड़ी वहां मेटाडोर में ब्रेक लगा दिया। कोई नंबर सिस्टम नहीं होने से मेटाडोर चालकों में सवारियों के लिए हर समय रेस लगी रहती है। मेटाडोर में हाईफाई साउंड सिस्टम लगे हैं।
चालान काटने का यह कैसा तरीका
महीने की पहली तारीख शुरू होते ही यातायात कर्मियों की एंट्री शुरू हो जाती है। मेटाडोर चालकों से यातायात कर्मी महीने भर की एंट्री ले लेते हैं और इसके बाद महीना भर मेटाडोर चालक नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं।
एक बार एंट्री देने के बाद मेटाडोर चालक यातायात कर्मियों के सामने नियमों का उल्लंघन करते हैं।
यातायात कर्मी चालान काटने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। चालकों के पीछे दौड़ कर उन्हें रोकना और फिर चालान काटना कर्मियों को स्टाइल बन गया है।
करीब दो महीने पहले शहर के भगवती नगर में ऐसा ही एक वाकया पेश आया। यहां यातायात कर्मियों ने बाइक सवार युवक को जबरदस्ती पकड़ने की कोशिश और इसमें वह गिर गया और उसकी मौत हो गई।