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Jammu News: अव्यवस्था की व्यथा, सीवर, नाली व नालों में डुबो दिए 22 लाख
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। विकास... इस शब्द का निगम की किताब के पन्नों में अर्थ कुछ और ही है। निर्माण कार्य के नाम पर बार-बार खुदाई संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रही है। नीति कुछ ऐसी चल रही है कि पहले नई रोड को तोड़ा जाता है, फिर प्रोजेक्ट पूरा कर बनाया जाता है और उसके बाद नए प्रोजेक्ट के लिए दोबारा तोड़-फोड़ शुरू हो जाती है। सीधे शब्दों में कहे तो आमजन के टैक्स का पैसा मिट्टी में मिलाया जा रहा है।
अव्यवस्था के जख्मों की कहानी जेयू-बाहु रोड और इससे आगे बावे मोड़ से शुरू होती है। यहां पर डेढ़ साल में करीब 10 बार बिगड़े तालमेल से काम हुआ। 24 लाख कुप्रबंधन में लगा दिए। यूनिवर्सिटी गेट से बावे मोड़ तक खोदाई 2021 में हुई जो छह बार हो चुकी है। हर बार दो लाख रुपये का नुकसान हुआ। रास्ता निर्माण, नालियां बनाने, सीवरेज लाइन, केबल बिछाने और अब नाले का काम चल रहा है। हालांकि तारकोल को तीसरी बार उखाड़ा गया।
इसी तरह बाहु रोड से बावे मोड़ तक सड़क को पहले सीवरेज लाइन के लिए खोदा, फिर नाली और केबल बिछाने को। अब बरसाती पानी की समस्या का समाधान करने के लिए 30 लाख रुपये से पनामा चौक तक नाला बनाने का काम जारी है। मरम्मत पर 10 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। इससे पहले ज्यूल चौक में भी नाले के काम के कारण और केबल बिछाने के लिए खोदाई हो चुकी है। यहां पर बार-बार तारकोल डाला और उखाड़ा गया।
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बावे मोड़ से यूनिवसिटी लास्ट गेट सड़क दो लेन है। पहले एक लेन किनारे खुदाई हुई। यहां पर सीवरेज लाइन, केबल बिछाने, नालियों का निर्माण, अंडर ग्राउंड नाला बनाने पर काम हुआ। उखड़ी सड़क में तारकोल नहीं डाली गई है। अभी तक करीब 10 से 15 लाख रुपये का नुकसान सड़क किनारे खुदाई से हुआ है। वहीं, अब दूसरी लेन में नाला का काम चल रहा है। इस कारण खुदाई शुरू हो गई है। इससे फिर सड़क क्षतिग्रस्त होगी। नाला बावे मोड़ के पास मिलाया जाना है।
जिम्मेदारों को भी सुन लीजिए...
कोट सड़क किनारे नाला बनाया जा रहा है। इस पर 30 लाख खर्च होंगे। काम पूरा होने के बाद तारकोल डाल दी जाएगी। पहले अलग-अलग परियोजनाओं में काम हुआ।
- शाम लाल बस्सन, पार्षद, वार्ड नंबर 48
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत काम हो रहे हैं। कोशिश है कि तमाम विभागों के काम एक साथ हो। चल रहे काम को जल्द पूरा किया जाएगा।
- राहुल यादव, आयुक्त, नगर निगम
परियोजनाओं में आगे तमाम काम एक साथ होंगे। इसके लिए विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। बार-बार सड़कों को उखाड़ा नहीं जाएगा।
- राजिंदर शर्मा, मेयर
महत्वपूर्ण इलाके
यूनिवर्सिटी, बावे मोड़ यूनिवर्सिटी लास्ट गेट मार्ग से लोग नरवाल, बाहु फोर्ट, बावे वाली माता मंदिर, गुज्जर नगर पुल से पुराना शहर, कासिम नगर और अन्य इलाकों को जाते हैं। हर रोज औसतन हजारों लोग गंतव्य तक इसी मार्ग से पहुंचते हैं।
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जम्मू। विकास... इस शब्द का निगम की किताब के पन्नों में अर्थ कुछ और ही है। निर्माण कार्य के नाम पर बार-बार खुदाई संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रही है। नीति कुछ ऐसी चल रही है कि पहले नई रोड को तोड़ा जाता है, फिर प्रोजेक्ट पूरा कर बनाया जाता है और उसके बाद नए प्रोजेक्ट के लिए दोबारा तोड़-फोड़ शुरू हो जाती है। सीधे शब्दों में कहे तो आमजन के टैक्स का पैसा मिट्टी में मिलाया जा रहा है।
अव्यवस्था के जख्मों की कहानी जेयू-बाहु रोड और इससे आगे बावे मोड़ से शुरू होती है। यहां पर डेढ़ साल में करीब 10 बार बिगड़े तालमेल से काम हुआ। 24 लाख कुप्रबंधन में लगा दिए। यूनिवर्सिटी गेट से बावे मोड़ तक खोदाई 2021 में हुई जो छह बार हो चुकी है। हर बार दो लाख रुपये का नुकसान हुआ। रास्ता निर्माण, नालियां बनाने, सीवरेज लाइन, केबल बिछाने और अब नाले का काम चल रहा है। हालांकि तारकोल को तीसरी बार उखाड़ा गया।
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इसी तरह बाहु रोड से बावे मोड़ तक सड़क को पहले सीवरेज लाइन के लिए खोदा, फिर नाली और केबल बिछाने को। अब बरसाती पानी की समस्या का समाधान करने के लिए 30 लाख रुपये से पनामा चौक तक नाला बनाने का काम जारी है। मरम्मत पर 10 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। इससे पहले ज्यूल चौक में भी नाले के काम के कारण और केबल बिछाने के लिए खोदाई हो चुकी है। यहां पर बार-बार तारकोल डाला और उखाड़ा गया।
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बावे मोड़ से यूनिवसिटी लास्ट गेट सड़क दो लेन है। पहले एक लेन किनारे खुदाई हुई। यहां पर सीवरेज लाइन, केबल बिछाने, नालियों का निर्माण, अंडर ग्राउंड नाला बनाने पर काम हुआ। उखड़ी सड़क में तारकोल नहीं डाली गई है। अभी तक करीब 10 से 15 लाख रुपये का नुकसान सड़क किनारे खुदाई से हुआ है। वहीं, अब दूसरी लेन में नाला का काम चल रहा है। इस कारण खुदाई शुरू हो गई है। इससे फिर सड़क क्षतिग्रस्त होगी। नाला बावे मोड़ के पास मिलाया जाना है।
जिम्मेदारों को भी सुन लीजिए...
कोट सड़क किनारे नाला बनाया जा रहा है। इस पर 30 लाख खर्च होंगे। काम पूरा होने के बाद तारकोल डाल दी जाएगी। पहले अलग-अलग परियोजनाओं में काम हुआ।
- शाम लाल बस्सन, पार्षद, वार्ड नंबर 48
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत काम हो रहे हैं। कोशिश है कि तमाम विभागों के काम एक साथ हो। चल रहे काम को जल्द पूरा किया जाएगा।
- राहुल यादव, आयुक्त, नगर निगम
परियोजनाओं में आगे तमाम काम एक साथ होंगे। इसके लिए विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। बार-बार सड़कों को उखाड़ा नहीं जाएगा।
- राजिंदर शर्मा, मेयर
महत्वपूर्ण इलाके
यूनिवर्सिटी, बावे मोड़ यूनिवर्सिटी लास्ट गेट मार्ग से लोग नरवाल, बाहु फोर्ट, बावे वाली माता मंदिर, गुज्जर नगर पुल से पुराना शहर, कासिम नगर और अन्य इलाकों को जाते हैं। हर रोज औसतन हजारों लोग गंतव्य तक इसी मार्ग से पहुंचते हैं।