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JK में पैरामेडिकल परीक्षाओं के नतीजे लटके
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Fri, 26 Sep 2014 09:50 PM IST
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रियासत में आई बाढ़ से पैरामेडिकल परीक्षाओं के नतीजों पर तलवार लटक गई है। जेएंडके स्टेट पैरामेडिकल काउंसिल के अधीन हुई इन परीक्षाओं में जम्मू और कश्मीर डिवीजन में पच्चीस हजार से ज्यादा विद्यार्थी बैठे। जम्मू संभाग में उत्तर पुस्तिकाओं की मार्किंग शुरू हो गई है लेकिन कश्मीर में बाढ़ से खराब हालात के कारण ऐसा संभव नहीं हो पा रहा है। दोनों ही डिवीजन में अभी कई प्रैक्टीकल की परीक्षाएं नहीं हो पाई हैं।
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उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व करीब चार साल बाद पैरामेडिकल की परीक्षाएं आयोजित की गई थीं, जिसमें अप्रैल, 2014 में परीक्षाओं के रिकार्ड कम प्रतिशत नतीजों के बाद विद्यार्थियों ने जीएमसी में कई दिन धरने प्रदर्शन किए थे। इसके बाद विद्यार्थियों के विरोध को देखते हुए अगस्त-सितंबर में दोबारा परीक्षाएं आयोजित की गईं। इस बार काउंसिल की ओर से शीघ्र नतीजे घोषित करके हजारों परीक्षार्थियों को राहत देने की तैयारी की जा रही थी लेकिन कश्मीर में बाढ़ से नतीजों को लेकर प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है।
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पहले ही विभिन्न विषयों में दो-दो साल के कोर्स को विद्यार्थियों को चार-चार साल में करना पड़ रहा है। नतीजों में देरी के चलते यह अवधि और बढ़ जाएगी। जीएमसी के प्रिंसिपल एवं काउंसिल के उपप्रधान डा. घनश्याम देव गुप्ता का कहना है कि जम्मू संभाग की उत्तर पुस्तिकाओं की मार्किंग हो रही है लेकिन अभी कई प्रैक्टीकल परीक्षाएं होना बाकी हैं।
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काउंसिल की कोशिश है कि अक्तूबर के अंत तक यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाए लेकिन कश्मीर में भी मार्किंग की प्रक्रिया मुकम्मल होने के बाद ही नतीजे घोषित किए जा सकेंगे। परीक्षार्थी राहुल बख्शी ने कहा कि पहले ही हजारों विद्यार्थियों को कई साल देरी से कोर्स पूरे करने पड़ रहे हैं। ऐसे में दोबारा नतीजों में देरी से उनके भविष्य पर सीधा असर पड़ेगा। अगर समय पर विद्यार्थियों के कोर्स पूरे हो जाते, तो वे नए सृजित पदों के लिए आवेदन कर सकते थे।