फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   restriction discontinues in kashmir, 55 arrested

कश्मीर घाटी में कई दिनों बाद हटा कर्फ्यू, हालात सामान्य होने से बाजारों में रौनक

Tue, 27 Sep 2016 12:05 AM IST
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर Updated Tue, 27 Sep 2016 12:05 AM IST
विज्ञापन
restriction discontinues in kashmir, 55 arrested
घाटी में रौनक - फोटो : Amar Ujala
कश्मीर घाटी से से सोमवार को कर्फ्यू हटा लिया गया। कई इलाकों में दुकानें भी खुलीं, जहां लोगों की भीड़ दिखी। उधर, पुलिस का दावा है कि घाटी में सोमवार को स्थिति पूरी तरह सामान्य तथा शांतिपूर्ण रही। कश्मीर में आतंक का एजेंडा भूख से हार रहा है। अलगाववादी अलग-थलग पड़ते जा रहे हैं। श्रीनगर, अनंतनाग और शोपियां के बाजारों में चहलपहल बढ़ी है। आतंकी बुरहान वानी की मुठभेड़ में मौत के बाद फैली हिंसा ने आम लोगों की रोजी-रोटी पर गहरा असर डाला था।
विज्ञापन


बबूगोशा (नासपाती) का मार्केट पहले ही खराब हो गया और अब सेब के कारोबार पर ग्रहण लगा तो लोगों ने बंद की अपीलें ठुकरा दी। श्रीनगर के डल झील में सिकारे से गुजर बसर करने वाले मजदूरों और नाविक को भुखमरी झेलनी पड़ रही है। नतीजतन कर्फ्यू हटते ही बाजारों में रौनक लौटने लगी है।  
विज्ञापन


उपद्रवी अबतक सुरक्षा बलों पर पथराव कर रहे थे और बदले हालात में उन्हें दुकान खोलने वाले दुकानदारों पर पथराव करना पड़ रहा है। स्थिति में इस बदलाव से अलगावादियों, आतंकवादियों और उपद्रवियों को हौसले पस्त हैं। श्रीनगर में वाहनों आ आवागमन सामान्य हो रहा है और अब कई जगह जाम की स्थिति पेदा हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

घाटी में होगी उज्जवला योजना की शुरूआत

restriction discontinues in kashmir, 55 arrested
महबूबा मुफ्ती - फोटो : Amar Ujala
हुर्रियत के नेता भी इस बदलाव को समझ रहे हैं। यही कारण है कि हुर्रियत के उदारवादी धड़े के मुखिया मीरवाइज उमर फारूक को अब पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से सियासी पहल की अपील करनी पड़ रही है। मीरवाइज ने उमर से कहा है कि वे केंद्र को सियासी समाधान के लिए राजी करें। 

मीरवाइज ने कहा है कि उमर अब्दुल्ला शुरू से कश्मीर मसले के सियासी समाधान की बात करते रहे हैं। विपक्ष का प्रतिनिधिमंडल लेकर राष्ट्रपति से मिल चुके हैं। इसलिए अब उन्हें फिर से कश्मीरियों के दर्द को आवाज देना चाहिए। उधर रियासत सरकार के कामकाज में भी रफ्तार आ रही है।

हिंसा के माहौल में रियासत सरकार के अधिकांश कार्यक्रम जम्मू में हो रहे थे। अब मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने केंद्र प्रायोजित योजनाओं की शुरुआत श्रीनगर से करने के निर्णय लिया है। इस कड़ी में सबसे पहली शुरुआत उज्जवला योजना से हो रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed