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Jammu News: राजोरी में आज से निकलेगी बाबा भैरव नाथ की झांकी
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राजोरी। होली को लेकर राजोरी में निकाली जाने वाली बाबा भैरव नाथ की झांकी का सिलसिला बुधवार से शुरू होगा। पहले दिन शहर के भैरव मंदिर से झांकी निकाली जाएगी। इस संबंध में बाबा भैरव नाथ कमेटी ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।
दोपहर बाद करीब दो बजे झांकी शहर के नाबन मोहल्ले में स्थित भैरव नाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के बाद निकाली जाएगी। भैरवनाथ का नृत्य देखने और चिमटे की मार खाने के लिए श्रद्धालुओं की होड़ लगी रहती है। इस मौके पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए जाते हैं। ढोल-नगाड़ों की थाप पर भैरवनाथ का वेश धारण किए युवा नृत्य करते हैं। पंरपरा के अनुसार झांकी एक दिन राजोरी के मुख्य बाजार और एक दिन जवाहर नगर में निकाली जाती है। मंगलवार को झांकी नहीं निकाली जाती।
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यह है मान्यता
राजोरी वासियों का मानना है कि जिस वर्ष होली पर शहर में भैरव झांकी न निकाली जाए उस वर्ष शहर व आसपास के क्षेत्रों में अकाल पड़ने जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। कई दशकों से यह परंपरा चली आ रही है। मान्यता है कि भैरवनाथ के चिमटे की मार से कई प्रकार के कष्ट दूर होते हैं।
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दोपहर बाद करीब दो बजे झांकी शहर के नाबन मोहल्ले में स्थित भैरव नाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के बाद निकाली जाएगी। भैरवनाथ का नृत्य देखने और चिमटे की मार खाने के लिए श्रद्धालुओं की होड़ लगी रहती है। इस मौके पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए जाते हैं। ढोल-नगाड़ों की थाप पर भैरवनाथ का वेश धारण किए युवा नृत्य करते हैं। पंरपरा के अनुसार झांकी एक दिन राजोरी के मुख्य बाजार और एक दिन जवाहर नगर में निकाली जाती है। मंगलवार को झांकी नहीं निकाली जाती।
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यह है मान्यता
राजोरी वासियों का मानना है कि जिस वर्ष होली पर शहर में भैरव झांकी न निकाली जाए उस वर्ष शहर व आसपास के क्षेत्रों में अकाल पड़ने जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। कई दशकों से यह परंपरा चली आ रही है। मान्यता है कि भैरवनाथ के चिमटे की मार से कई प्रकार के कष्ट दूर होते हैं।
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