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Jammu News: आधी रात गूंजेगा नंद के घर आनंद भयो, जन्मोत्सव के लिए सजे मंदिर
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- सुबह से व्रत-पूजन, शाम को भजन-कीर्तन और झांकियों से कृष्णमय होगा जम्मू
- आधी रात शंख-घंटियों के बीच होगा कान्हा का जन्म, 56 भोग के बाद बंटेगा प्रसाद
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। नंदलाल के जन्म की बेला करीब आते ही मंदिरों का शहर जम्मू कृष्ण भक्ति में डूबने को तैयार है। शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सुबह से मंदिरों में पूजा-अर्चना और व्रत का सिलसिला शुरू होगा। श्रद्धालु दिनभर उपवास रखकर कान्हा के जन्म की मंगल बेला की प्रतीक्षा करेंगे। मंदिरों में सजी बाल गोपाल की झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
शाम ढलते ही मंदिरों में भक्ति का रंग और गहरा होगा। फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजे मंदिरों में भजन-कीर्तन और संकीर्तन होंगे। श्रद्धालु परिवार सहित पहुंचकर झांकियों के दर्शन करेंगे और कान्हा की भक्ति में लीन होंगे। मंदिर परिसर ‘राधे-राधे’ और ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयकारों से गूंजते रहेंगे।
मध्यरात्रि में जैसे ही कान्हा के जन्म की घड़ी आएगी, शंख और घंटियों की ध्वनि के बीच ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे गूंज उठेंगे। भगवान के जन्म के बाद विशेष आरती होगी। बाल गोपाल का पंचामृत से अभिषेक कर श्रृंगार किया जाएगा और माखन-मिश्री सहित विभिन्न व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा। 56 भोग अर्पित करने के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया जाएगा।
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जम्मू के विभिन्न मंदिरों में जन्माष्टमी को लेकर विशेष सजावट की गई है। कहीं कान्हा की मनमोहक झांकियां सजाई गई हैं तो कहीं भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। दही-हांडी और शोभायात्रा भी श्रद्धालुओं के उत्साह को बढ़ाएंगी। कृष्ण जन्म की प्रतीक्षा में शुक्रवार की रात जम्मू का वातावरण भक्ति, उल्लास और आस्था से सराबोर रहेगा।
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अष्टमी-रोहिणी संयोग में मनेगा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
महंत रोहित शास्त्री के अनुसार शुक्रवार को अष्टमी तिथि सुबह 2:26 बजे शुरू होकर देर रात 12:15 बजे तक रहेगी। रोहिणी नक्षत्र के संयोग में मध्यरात्रि भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाने का विशेष महत्व है। रात 11:57 बजे से 12:43 बजे तक जन्मोत्सव पूजन का शुभ मुहूर्त रहेगा। इस दौरान बाल गोपाल का पंचामृत से अभिषेक और शृंगार किया जाएगा। माखन-मिश्री, धनिया पंजीरी, पंचामृत और मिठाइयों का भोग लगाया जाएगा। व्रती 5 सितंबर को सुबह 6:05 बजे के बाद व्रत का पारण कर सकेंगे।
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इन जगहों पर होंगे विशेष आयोजन
इस्कॉन मंदिर में गुलाब के फूलों से कान्हा का विशेष शृंगार होगा। शांतिनगर स्थित श्री राधा गोविंद धाम में 56 भोग और महाआरती, दीवान मंदिर में ओडिशा के कलाकारों की प्रस्तुति, नानक नगर में शोभायात्रा और दही-हांडी का आयोजन होगा। गांधीनगर पंच मंदिर में विशेष आरती, बाड़ी ब्राह्मणा में धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम और श्री रघुनाथ मंदिर में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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- आधी रात शंख-घंटियों के बीच होगा कान्हा का जन्म, 56 भोग के बाद बंटेगा प्रसाद
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। नंदलाल के जन्म की बेला करीब आते ही मंदिरों का शहर जम्मू कृष्ण भक्ति में डूबने को तैयार है। शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सुबह से मंदिरों में पूजा-अर्चना और व्रत का सिलसिला शुरू होगा। श्रद्धालु दिनभर उपवास रखकर कान्हा के जन्म की मंगल बेला की प्रतीक्षा करेंगे। मंदिरों में सजी बाल गोपाल की झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
शाम ढलते ही मंदिरों में भक्ति का रंग और गहरा होगा। फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजे मंदिरों में भजन-कीर्तन और संकीर्तन होंगे। श्रद्धालु परिवार सहित पहुंचकर झांकियों के दर्शन करेंगे और कान्हा की भक्ति में लीन होंगे। मंदिर परिसर ‘राधे-राधे’ और ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयकारों से गूंजते रहेंगे।
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मध्यरात्रि में जैसे ही कान्हा के जन्म की घड़ी आएगी, शंख और घंटियों की ध्वनि के बीच ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे गूंज उठेंगे। भगवान के जन्म के बाद विशेष आरती होगी। बाल गोपाल का पंचामृत से अभिषेक कर श्रृंगार किया जाएगा और माखन-मिश्री सहित विभिन्न व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा। 56 भोग अर्पित करने के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया जाएगा।
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जम्मू के विभिन्न मंदिरों में जन्माष्टमी को लेकर विशेष सजावट की गई है। कहीं कान्हा की मनमोहक झांकियां सजाई गई हैं तो कहीं भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। दही-हांडी और शोभायात्रा भी श्रद्धालुओं के उत्साह को बढ़ाएंगी। कृष्ण जन्म की प्रतीक्षा में शुक्रवार की रात जम्मू का वातावरण भक्ति, उल्लास और आस्था से सराबोर रहेगा।
अष्टमी-रोहिणी संयोग में मनेगा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
महंत रोहित शास्त्री के अनुसार शुक्रवार को अष्टमी तिथि सुबह 2:26 बजे शुरू होकर देर रात 12:15 बजे तक रहेगी। रोहिणी नक्षत्र के संयोग में मध्यरात्रि भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाने का विशेष महत्व है। रात 11:57 बजे से 12:43 बजे तक जन्मोत्सव पूजन का शुभ मुहूर्त रहेगा। इस दौरान बाल गोपाल का पंचामृत से अभिषेक और शृंगार किया जाएगा। माखन-मिश्री, धनिया पंजीरी, पंचामृत और मिठाइयों का भोग लगाया जाएगा। व्रती 5 सितंबर को सुबह 6:05 बजे के बाद व्रत का पारण कर सकेंगे।
इन जगहों पर होंगे विशेष आयोजन
इस्कॉन मंदिर में गुलाब के फूलों से कान्हा का विशेष शृंगार होगा। शांतिनगर स्थित श्री राधा गोविंद धाम में 56 भोग और महाआरती, दीवान मंदिर में ओडिशा के कलाकारों की प्रस्तुति, नानक नगर में शोभायात्रा और दही-हांडी का आयोजन होगा। गांधीनगर पंच मंदिर में विशेष आरती, बाड़ी ब्राह्मणा में धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम और श्री रघुनाथ मंदिर में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।