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बच्चों को दें धर्म और संस्कृति का ज्ञान
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ज्यौड़ियां। उपजिला अखनूर के कोढेवाला विस्थापित कॉलोनी में चल रहे 25 कुंडी गायत्री विराट यज्ञ के चौथे दिन भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर खुशहाली की प्रार्थना की।
सुरेश शास्त्री जी महाराज ने कहा कि मानव के लिए मन की शांति का एकमात्र साधन प्रभु सिमरन ही है। धन-अर्जन के अलावा हर प्रकार के सुख संसाधनों को एकत्र करने के लिए मानव के पास कई प्रकार के प्रयोजन उपलब्ध हो सकते हैं। हालांकि, उनसे शारीरिक एवं सांसारिक सुख ही हासिल हो सकता है। परंतु, मानसिक एवं अध्यात्मिक शांति को प्रभु के शरणागत हुए बिना हासिल नहीं किया जा सकता।
उन्होंने यज्ञ में सम्मिलत संगत से आह्वान किया कि लोग अपने बच्चों को मंदिरों में पूजा-अर्चना करने के साथ सनातन धर्म-संस्कृति के बारे में भी ज्ञान दें। ताकि, उनमें संस्कारों का उत्सर्जन होने के अलावा बुजुर्गों एवं साधु-संतों के प्रति श्रद्धा एवं आदर के भाव जागृत हों। भावी पीढ़ियां समाज और राष्ट्र को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली हैं। जिसके चलते इनके चरित्र निर्माण के लिए हमें अपने उत्तरदायित्व को निभाने के लिए हर संभव प्रयत्न करना होगा।
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इस मौके पर स्थानीय निवासी सोनू बराल, रजीव शर्मा, सुनील शर्मा, संजय शर्मा, सुरेंदर शर्मा, संजय कुमार, शुभम शर्मा, विनय, आदि ने बताया कि इस गायत्री विराट यज्ञ का आयोजन समस्त कैंप वासियों के सहयोग से किया जा यहा है। आसपास के सभी गांवों के लोगों से अपील है कि यज्ञ में पहुंच कर पुण्य कमाएं।
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सुरेश शास्त्री जी महाराज ने कहा कि मानव के लिए मन की शांति का एकमात्र साधन प्रभु सिमरन ही है। धन-अर्जन के अलावा हर प्रकार के सुख संसाधनों को एकत्र करने के लिए मानव के पास कई प्रकार के प्रयोजन उपलब्ध हो सकते हैं। हालांकि, उनसे शारीरिक एवं सांसारिक सुख ही हासिल हो सकता है। परंतु, मानसिक एवं अध्यात्मिक शांति को प्रभु के शरणागत हुए बिना हासिल नहीं किया जा सकता।
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उन्होंने यज्ञ में सम्मिलत संगत से आह्वान किया कि लोग अपने बच्चों को मंदिरों में पूजा-अर्चना करने के साथ सनातन धर्म-संस्कृति के बारे में भी ज्ञान दें। ताकि, उनमें संस्कारों का उत्सर्जन होने के अलावा बुजुर्गों एवं साधु-संतों के प्रति श्रद्धा एवं आदर के भाव जागृत हों। भावी पीढ़ियां समाज और राष्ट्र को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली हैं। जिसके चलते इनके चरित्र निर्माण के लिए हमें अपने उत्तरदायित्व को निभाने के लिए हर संभव प्रयत्न करना होगा।
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इस मौके पर स्थानीय निवासी सोनू बराल, रजीव शर्मा, सुनील शर्मा, संजय शर्मा, सुरेंदर शर्मा, संजय कुमार, शुभम शर्मा, विनय, आदि ने बताया कि इस गायत्री विराट यज्ञ का आयोजन समस्त कैंप वासियों के सहयोग से किया जा यहा है। आसपास के सभी गांवों के लोगों से अपील है कि यज्ञ में पहुंच कर पुण्य कमाएं।

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