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माता-पिता के धोए चरण, आरती उतार उम्र भर सेवा का लिया प्रण
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जम्मू। भगवती नगर स्थित आश्रम में रविवार को मातृ-पितृ दिवस मनाया गया। आश्रम में कथा के साथ कीर्तन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अभिभावकों ने बच्चों के साथ भाग लिया। बच्चों ने माता-पिता के चरण धोकर आशीर्वाद लिया, तिलक लगाकर आरती उतारी और उम्र भर सेवा करने का प्रण लिया। महामंडलेश्वर रमेश महाराज और डॉ. सत्यनारायण ने कथा सुनाकर सभी को प्रभु चरणों से जोड़ा।
महामंडलेश्वर ने प्रवचन करते कहा कि बच्चों को माता-पिता का सम्मान करना चाहिए। माता-पिता को भी बच्चों को अच्छे संस्कार देेने चाहिए। व्यक्ति जितना भी ऊंचा पद प्राप्त करे, उसे माता-पिता को कभी नहीं भूलना चाहिए। देश भर में इसी उद्देश्य से मातृ-पितृ दिवस मनाया जाता है, ताकि बच्चे संस्कारवान बनें। डॉ. सत्यनारायण ने बताया कि हमें पाश्चात्य संस्कृति से दूर रहकर भारतीय संस्कृति से जुड़ना होगा। इस बारे में बच्चों को जागरूक करने की जरूरत है। जो बच्चे भारतीय संस्कृति से जुड़े हैं, उनमें हर प्रकार के संस्कार हैं। वे हमेशा माता-पिता की बात पर अलम करते हैं। समाज में संस्कारवान व्यक्ति ही सफल होता है। कथावाचक ने अभिभावकों को अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में डिप्टी मेयर पूर्णिमा शर्मा और वार्ड-14 के पार्षद प्रमोद कपाई मुख्य अतिथि रहे। शर्मा ने भी युवाओं को संदेश दिया कि अपने माता-पिता की सेवा करें।
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महामंडलेश्वर ने प्रवचन करते कहा कि बच्चों को माता-पिता का सम्मान करना चाहिए। माता-पिता को भी बच्चों को अच्छे संस्कार देेने चाहिए। व्यक्ति जितना भी ऊंचा पद प्राप्त करे, उसे माता-पिता को कभी नहीं भूलना चाहिए। देश भर में इसी उद्देश्य से मातृ-पितृ दिवस मनाया जाता है, ताकि बच्चे संस्कारवान बनें। डॉ. सत्यनारायण ने बताया कि हमें पाश्चात्य संस्कृति से दूर रहकर भारतीय संस्कृति से जुड़ना होगा। इस बारे में बच्चों को जागरूक करने की जरूरत है। जो बच्चे भारतीय संस्कृति से जुड़े हैं, उनमें हर प्रकार के संस्कार हैं। वे हमेशा माता-पिता की बात पर अलम करते हैं। समाज में संस्कारवान व्यक्ति ही सफल होता है। कथावाचक ने अभिभावकों को अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में डिप्टी मेयर पूर्णिमा शर्मा और वार्ड-14 के पार्षद प्रमोद कपाई मुख्य अतिथि रहे। शर्मा ने भी युवाओं को संदेश दिया कि अपने माता-पिता की सेवा करें।
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