खुशखबरीः रियासत के 60 हजार मुलाजिम होंगे नियमित, महबूबा ने ट्वीट कर दी जानकारी
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रियासत के डेलीवेजर तथा कैजुअल लेबर के लिए खुशखबरी है। यहां कार्यरत 60 हजार मुलाजिमों को जल्द ही नियमित किए जाने का तोहफा मिल सकता है। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को खुद ट्वीट कर इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों में कार्यरत मुलाजिमों को नियमित करने की दिशा में सरकार काम कर रही है।
महबूबा ने ट्वीट कर कहा कि 60 हजार मुलाजिमों को नियमित किया जाएगा, ताकि वे बेहतर जीवनयापन कर सकें। कड़ी मेहनत तथा समर्पण को हमेशा याद किया जाता है तथा तारीफ की जाती है। राज्य सरकार का यह बड़ा फैसला माना जा रहा है, क्योंकि डेलीवेजर तथा कैजुअल मुलाजिम पिछले कई वर्षों से नियमित किए जाने को लेकर आंदोलनरत हैं।
पिछले बजट में सरकार ने विधानसभा में इन्हें नियमित किए जाने का भरोसा दिलाया था। मुख्य सचिव बीबी व्यास की अध्यक्षता में इस मामले में गठित कमेटी ने अक्तूबर में अपनी रिपोर्ट वित्त विभाग को सौंपी थी। इसमें कहा गया था कि 31 विभागों में 15 कैटेगरी में कैजुअल तथा सीजनल को मिलाकर मुलाजिमों की संख्या 100501 है।
ज्ञात हो कि 2008 में तत्कालीन सरकार ने अस्थायी नियुक्ति पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया था। 2011 में भी सरकार ने ऐसा ही आदेश जारी किया। इसी कड़ी में वर्तमान सरकार ने भी कैजुअल, सीजनल तथा नीड बेस्ड मुलाजिमों की नियुक्ति पर रोक लगा रखी है।
Our govt will be regularising 60,000 daily wagers & casual labourers working in various departments in J&K to provide sustainable livelihoods to those who need it the most. Hard work & dedication must always be recognised & appreciated.
— Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) December 13, 2017
नियमित करने पर आएगा 400 करोड़ का भार
कैजुअल तथा डेलीवेजर को नियमित करने पर लगभग 400 करोड़ रुपये का भार आएगा। इसके लिए आगामी बजट में प्रावधान करना होगा। यदि सरकार ने सातवें वेतन आयोग का भी अपनी घोषणा के अनुसार मुलाजिमों को लाभ दिया तो 700 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान बजट में करना होगा।