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Jammu News: काल भैरव अष्टमी कल, पुराने शहर के मंदिर में मुख्य कार्यक्रम
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर में काल भैरव अष्टमी को लेकर मंदिर सज गए हैं। पुराने शहर स्थित भैरव मंदिर में मुख्य कार्यक्रम मंगलवार पांच दिसंबर को होगा। मंदिर में 52 बिरादरियों की मेल करवाई जाएगी। इसको लेकर मंदिर परिसर से भैरव चौक तक सजावट की गई है। काल भैरव अष्टमी के उपलक्ष्य पर रविवार को बाइक रैली का आयोजन किया गया। रैली पुराने शहर से होकर वापस भैरव मंदिर में संपन्न हुई।
मंदिर के महंत रुमिल शर्मा ने बाइक रैली को रवाना किया। रविवार रात को शिव विवाह के प्रसंग को दिखाया गया। मान्यता है की अष्टमी के दिन भगवान शिव, भैरव रूप में प्रकट हुए थे। भैरव अष्टमी तंत्र साधना के लिए अति उत्तम मानी जाती है। भगवान भैरव को काशी का कोतवाल भी माना जाता है। श्रीकाल भैरव के पूजन से अनिष्ट का निवारण होता है। उनकी प्रिय वस्तुओं में काले तिल, नींबू, नारियल, सुगंधित धूप, सरसों तेल से बने पकवान दान किए जा सकते हैं। अष्टमी के दिन भैरव के वाहन श्वान (कुत्ते) को भोजन और गुड़ खिलाने का भी विशेष महत्व है। इससे दसों दिशाओं के नकारात्मक प्रभावों से मुक्ति मिलती है तथा संतान की भी प्राप्ति होती है। मान्यता है कि इस दिन काल भैरव की पूजा व व्रत करने से समस्त विघ्न समाप्त हो जाते हैं। उधर, उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को पुराने शहर में स्थित मंदिर में श्री काल भैरव के दर्शन किए। दोपहर में एलजी मंदिर में पहुंचे और प्रदेश में सुख-शांति के लिए प्रार्थना की।
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जम्मू। शहर में काल भैरव अष्टमी को लेकर मंदिर सज गए हैं। पुराने शहर स्थित भैरव मंदिर में मुख्य कार्यक्रम मंगलवार पांच दिसंबर को होगा। मंदिर में 52 बिरादरियों की मेल करवाई जाएगी। इसको लेकर मंदिर परिसर से भैरव चौक तक सजावट की गई है। काल भैरव अष्टमी के उपलक्ष्य पर रविवार को बाइक रैली का आयोजन किया गया। रैली पुराने शहर से होकर वापस भैरव मंदिर में संपन्न हुई।
मंदिर के महंत रुमिल शर्मा ने बाइक रैली को रवाना किया। रविवार रात को शिव विवाह के प्रसंग को दिखाया गया। मान्यता है की अष्टमी के दिन भगवान शिव, भैरव रूप में प्रकट हुए थे। भैरव अष्टमी तंत्र साधना के लिए अति उत्तम मानी जाती है। भगवान भैरव को काशी का कोतवाल भी माना जाता है। श्रीकाल भैरव के पूजन से अनिष्ट का निवारण होता है। उनकी प्रिय वस्तुओं में काले तिल, नींबू, नारियल, सुगंधित धूप, सरसों तेल से बने पकवान दान किए जा सकते हैं। अष्टमी के दिन भैरव के वाहन श्वान (कुत्ते) को भोजन और गुड़ खिलाने का भी विशेष महत्व है। इससे दसों दिशाओं के नकारात्मक प्रभावों से मुक्ति मिलती है तथा संतान की भी प्राप्ति होती है। मान्यता है कि इस दिन काल भैरव की पूजा व व्रत करने से समस्त विघ्न समाप्त हो जाते हैं। उधर, उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को पुराने शहर में स्थित मंदिर में श्री काल भैरव के दर्शन किए। दोपहर में एलजी मंदिर में पहुंचे और प्रदेश में सुख-शांति के लिए प्रार्थना की।
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