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जानिए क्या हुआ ऐसा जो संकट में पड़े रणजी के मुकाबले
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Mon, 03 Nov 2014 11:44 AM IST
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बाढ़ से राज्य के क्रिकेट मैदानों को हुए नुकसान और जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों की खींचतान से राज्य में होने वाले रणजी के मुकाबलों पर तलवार लटक सकती है। दिसंबर में जम्मू के जीजीएम साइंस कालेज की हास्टल ग्राउंड पर चार दिवसीय चार रणजी के मुकाबले करवाए जाना प्रस्तावित हैं। जेकेसीए के चेयरमैन अरविंदर सिंह मिक्की के अनुसार रणजी मुकाबलों पर आखिर में सोचा जाएगा।
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फिलहाल राज्य के मैदानों पर बाढ़ से हुए नुकसान के कारण पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिससे मौजूदा समय में राष्ट्रीय स्तर के मुकाबले करवाना मुमकिन नहीं है। जेकेसीए में खींचतान और बाढ़ की मार के चलते पहले ही रणजी एक दिवसीय कोचिंग कैंप को मोहाली में शिफ्ट कर दिया गया है। जेकेसीए में चीफ कुर्सी पर सुशील जोशी को भी मोहाली भेजा गया है। यहां अभ्यास के साथ प्रैक्टिस मुकाबलों से राज्य टीम को तैयार किया जा रहा है।
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राज्य के घरेलू मैदानों की बात करें तो श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में बाढ़ से काफी नुकसान पहुंचा है। इस स्टेडियम में मौजूदा समय में सेंट्रल विकेट ही तैयार किया जा सका है। इसके अलावा जम्मू के जीजीएम साइंस कालेज की हास्टल ग्राउंड को तैयार किया जा सकता है, लेकिन जम्मू विंग और जेकेसीए के अन्य पदाधिकारियों के बीच खींचतान से ऐसा संभव नहीं हो पा रहा है।
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हास्टल ग्राउंड पर दिसंबर में रणजी के मुकाबले करवाना प्रस्तावित है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियां इसके अनुकूल नहीं दिख रही हैं। जम्मू विंग के संयुक्त सचिव सुदर्शन मेहता का कहना है कि चार रणजी के मुकाबले होने की सूचना है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल रणजी में राज्य की टीम ने इतिहास रचकर क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया था।
चीफ कोच विशन सिंह बेदी के नेतृत्व में राज्य टीम कई दशक बाद ऐसा कारनामा कर पाई थी। इसमें राज्य टीम को सबसे ज्यादा घरेलू मैदान पर खेलना का लाभ मिला था, लेकिन अगर इस बार घरेलू मैदान पर मुकाबले नहीं होते हैं तो राज्य टीम के प्रदर्शन पर सीधा असर पड़ेगा।