Maharaja Hari Singh Jayanti: महाराजा की जयंती पर पहली बार अवकाश, लखनपुर से रामबन तक रैलियां और जश्न
सरकार की ओर से अवकाश घोषित किए जाने पर युवा राजपूत सभा ने जम्मू में दस किलोमीटर तक रैली निकाल कर तवी पुल पर स्थापित महाराजा की प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पवर्षा की। कठुआ में कठुआ एकता मंच ने पदयात्रा निकाल महाराजा की जयंती को धूमधाम से मनाया।
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जम्मू-कश्मीर के अंतिम डोगरा शासक महाराजा हरि सिंह की जयंती पर सरकारी अवकाश को जम्मू संभाग में उत्सव की तरह मनाया गया। पदयात्रा, बाइक रैली, आतिशबाजी, और पुष्पवर्षा के बीच लखनपुर से लेकर रामबन तक महाराजा हरि सिंह अमर रहें के नारे गूंजे।
सरकार की ओर से अवकाश घोषित किए जाने पर शुक्रवार को युवा राजपूत सभा ने जम्मू में दस किलोमीटर तक रैली निकाल कर तवी पुल पर स्थापित महाराजा की प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पवर्षा की। वहीं कठुआ में कठुआ एकता मंच ने पदयात्रा निकाल महाराजा की जयंती को धूमधाम से मनाया।
सांबा में श्री अमर क्षत्रिय राजपूत सभा, विजयपुर, रियासी, रामबन, उधमपुर के टिकरी, आरएस पुरा, बाड़ी ब्राह्मणा समेत कई अन्य स्थानों पर रैली निकालकर जश्न मनाया गया। राजधानी शहर जम्मू में वाहनों की अत्यधिक संख्या और लोगों की भीड़ को देख बिक्रम चौक से यातायात का मार्ग परिवर्तित करना पड़ा। युवा राजपूत सभा समेत अन्य संगठनों के साथ भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने भी महाराजा हरि सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया।
मुफ्त में भल्ले बांटे, बिना शुल्क ई-रिक्शा का सफर
महाराजा हरि सिंह की जयंती पर जश्न के दौरान लखनपुर में बिना शुल्क लिए भल्ले वितरित किए गए। वहीं, कठुआ शहर में ई-रिक्शा चालकों ने जयंती पर शुक्रवार को बिना किराया लिए ही लोगों को गंतव्यों तक पहुंचाया। संभाग में जगह-जगह मिठाई भी वितरित की गई।
महाराजा के विचारों से प्रेरणा लेने की जरूरत: उप राज्यपाल
उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने जयंती पर महाराजा हरि सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे एक महान शिक्षा विद्, प्रगतिशील विचारक तथा सुचार सुधारक थे। विचार की दृष्टि से भी वे महान थे। उनका देश को योगदान तथा वंचित तबके के लोगों के कल्याण के लिए किए गए कार्य हमेशा लोगों को प्रेरित करते रहेंगे। उन्होंने समाज के हर वर्ग तथा सभी समुदाय के लिए समान रूप से काम किया। उनके विचारों से प्रेरणा लेकर समाज तथा देश के विकास में योगदान देना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
दूरदर्शी सोच की शख्सियत थे महाराज हरि सिंह : आजाद
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने प्रदेश के अंतिम डोगरा शासक महाराजा हरि सिंह को दूरदर्शी सोच की शख्सियत और देशभक्त बताया। कहा कि महाराजा ने जम्मू-कश्मीर में समाज सुधार के लिए कई अहम परिवर्तन लाए। उनकी सुव्यवस्थित सार्वजनिक प्रशासन प्रणाली, लोगों के अनुकूल नीतियां, सभी के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा को बढ़ावा देने, विकासात्मक व ढांचागत कार्य आदि जम्मू-कश्मीर के विकास में मील का पत्थर थे। उनका धर्म सबके साथ न्याय करना था। महाराजा ने सार्वजनिक भाषण में टिप्पणी की थी कि यदि मुझे इस राज्य पर शासन करने योग्य समझा जाता है, तो मैं कहूंगा कि मेरे लिए सभी समुदाय, धर्म और वर्ग समान हैं। एक शासक के रूप में मेरा कोई धर्म नहीं है, सभी धर्म मेरे हैं और मेरा धर्म न्याय है।
श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने कंगर मोड़ से निकाली रैली
दोमाना। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने महाराजा हरि सिंह की जयंती पर कंगर मोड़ से रैली निकाली। यह रैली कंगर मोड से बन तालाब, न्यू प्लॉट, कच्ची छावनी, परेड, गुम्मट से होकर तवी पुल के पास स्थापित महाराजा हरि सिंह के प्रतिमा स्थल पर पहुंची। प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन सिंह, प्रदेश प्रभारी मंगल सिंह, युवा चेयरमैन सनी सिंह चिब, भाईचारा कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर संगम फौजी, मोनू बाबा, गुलशन चाढ़क, रघु राजपूत, पम्मी मन्हास, आदिश, हैप्पी राजपूत, सोन सिंह आदि इस मौके पर मौजूद थे। संवाद
रणवीरेश्वर मंदिर में नेत्र और कैंसर जांच शिविर लगाया
महाराजा हरि सिंह की जयंती पर शुक्रवार को ऐतिहासिक रणवीरेश्वर मंदिर में चिकित्सा शिविर लगाया गया। इसमें नेत्र और कैंसर जांच के साथ मरीजों को निशुल्क दवाइयां वितरित की गईं। धर्मार्थ ट्रस्ट और एलबीएनआरओएच संस्था के सहयोग से लगाए गए शिविर में महाराजा हरि सिंह के वंशज अजातशत्रु और रितु सिंह ने कहा कि इस दिन सेवा का सबसे अच्छा तरीका चिकित्सा शिविर लगाना है।
युवराज विक्रमादित्य सिंह और ज्योत्सना सिंह ने पहुंचकर ट्रस्ट के सहयोग से दूरदराज के क्षेत्रों में ऐसे चिकित्सा शिविर लगाने के लिए आमंत्रित किया। कैंप को सफल बनाने में ट्रस्ट के अध्यक्ष अजय गंडोत्रा, शशि खजूरिया, प्रो. केबी अबरोल, संदीप मैंगी, दीपक अबरोल आदि ने सहयोग दिया।