कश्मीर में राजनाथ सिंह का तीन दिवसीय दौरा,अलगाववादियों से वार्ता एजेंडे में शामिल नहीं
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घाटी में लगातार हिंसा तथा एनआईए छापे के बाद उत्पन्न परिस्थितियों के बीच केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के शनिवार (नौ सितंबर) से शुरू हो रहे दौरे में अलगाववादियों से बातचीत एजेंडे में नहीं है। रियासत के तीन दिवसीय दौरे में कश्मीर में स्थायी शांति, कश्मीरी समाज में विश्वास बहाली, विकास तथा कानून-व्यवस्था की बहाली पर ही पूरा दौरा केंद्रित रहेगा।
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती घाटी में शांति बहाली के लिए अलगाववादियों सहित सभी हितधारकों से बिना किसी शर्त की बातचीत की हर वक्त आवाज उठाती रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी के मिशन कश्मीर के तहत राजनाथ सिंह का यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि विश्वास बहाली के कदम के तहत राजनाथ सिंह हाल ही में आतंकी हमले में शहीद हुए एएसआई अब्दुल रशीद के घर जाकर भी सांत्वना दे सकते हैं। उनकी पांच वर्षीय बेटी जोहरा के आंसू पोंछ सकते हैं। जोहरा की आजीवन पढ़ाई का खर्च उठाने की क्रिकेटर गौतम गंभीर ने घोषणा की है।
राजनाथ सिंह विभिन्न संगठनों, छात्रों, युवकों, स्वयंसेवी संगठनों, कारोबारियों, सिविल सोसाइटी के सदस्यों, वकीलों से अपने दौरे के दौरान मिलेंगे। पर्यटन से जुड़े लोगों, होटल संचालकों तथा शिकारा वालों के प्रतिनिधिमंडल से भी मिलेंगे। सूत्रों ने बताया कि विभिन्न दलों को भी बातचीत के लिए आमंत्रित किया जाएगा। सबसे कश्मीर में स्थायी समाधान तथा केंद्र स्तर पर उठाए जाने योग्य कदमों के बारे में सुझाव लिए जाएंगे।
जम्मू में कश्मीरी पंडितों तथा रिफ्यूजियों की सुनेंगे
अपने दौरे के दौरान सिंह राज्यपाल एनएन वोहरा तथा मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से भी रियासत के हालात तथा सुरक्षा व्यवस्था संबंधी ब्योरा हासिल करेंगे। विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठक कर घुसपैठ तथा आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। सूत्रों ने बताया कि घाटी में कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा आतंकवाद से लड़ रहे सुरक्षा बलों का हौसला बढ़ाने के लिए वह सुरक्षा बलों की किसी यूनिट का दौरा कर सकते हैं।
सूत्रों ने बताया कि अपने दौरे के आखिरी दिन केंद्रीय गृह मंत्री जम्मू का भी दौरा करेंगे। इस दौरान वह कश्मीरी पंडितों तथा रिफ्यूजियों सहित चैंबर और कारोबारियों के प्रतिनिधिमंडल से मिलेंगे। इसके तहत वह रिफ्यूजियों को प्रधानमंत्री पैकेज के तहत मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी हासिल करेंगे। अनुच्छेद 35ए पर भी विभिन्न संगठनों की ओर से गृह मंत्री को ज्ञापन सौंपने की तैयारी है।