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बारिश से जगह-जगह जलभराव, दुकानों और घरों में घुसा पानी
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पआरएस पुरा/विजयपुर/बाड़ी ब्राह्मणा। बारिश से वीरवार को जहां उमस भरी गर्मी से राहत मिली, वहीं जगह-जगह जलभराव होने से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा। इस दौरान नगर पालिका की तैयारियों के दावे की पोल खुलती भी नजर आईं।
आरएस पुरा में मुख्य मार्गों पर जलभराव होने से सड़क किनारे दुकानदारों को खासी दिक्कतें आईं। यहां सड़कों पर गंदगी फैली नजर आई। राहगीर भी परेशान हुए। उधर, उप जिलाधिकारी कार्यालय परिसर, तहसील परिसर, महात्मा गांधी पार्क, बस स्टैंड, बाजार सहित कई वार्डों में लोगों के घरों व दुकानों में पानी घुस गया।
वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी झमाझम बारिश से कई नालों में अधिक पानी आने पर लोगों को आने जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि बारिश ने किसानों को काफी हद तक राहत दी है। गांव चकरोई के किसान किशन लाल का कहना है कि सावन महीने की पहली बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी है। किसान रमेश चौधरी ने कहा कि कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे थे।
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उधर, विजयपुर में भी बारिश से लोगों को राहत मिली। किसान वर्ग भी खुश हैं। तापमान में भी काफी गिरावट आई है। बाड़ी ब्राह्मणा के निचले क्षेत्रों में भी कई जगह पर जलभराव हो गया था। हालांकि कंडी क्षेत्र के लिए बारिश रामबाण से कम नहीं है। जिन लोगों की धान की रोपाई रुकी हुई थी, उनके चेहरे खिल गए हैं।
बारिश के बाद बढ़ गईं दिक्कतें
रामगढ़। पंचायत पल्ली की वार्ड दो में गली-नाली का निर्माण कार्य करवाया गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसका निर्माण कार्य ढलान के विपरीत करवाया गया है। इसकी वजह से पानी रुक जाता है। लोगों के घरों में जलभराव हो जाता है। उन्होंने बीडीओ को पहले ही इसके बारे में अवगत करवाया था, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया।
दोपहर बाद बढ़ने लगा चिनाब दरिया का जलस्तर
अखनूर। सीमांत क्षेत्र में बारिश से कई नाले और खड्ड उफान पर आ गए। इससे कई जगहों पर वाहनों की आवाजाही भी बंद रही। उधर, चिनाब दरिया का जलस्तर भी दोपहर बाद बढ़ने लगा था। इसको लेकर प्रशासन ने पहले ही जरूरी हिदायतें जारी की हुई हैं। कस्बे के कामेश्वर मंदिर के पास मुख्य सड़क पर पानी की निकासी नहीं होने से सड़क तालाब में तब्दील होती नजर आई। इससे वाहनों की आवाजाही बंद रही। चिनाब दरिया का जलस्तर वीरवार सुबह 23 गेज था, जबकि दोपहर के समय 24 गेज और शाम को 25 गेज हो गया था। यह खतरे के निशान से आठ फीट कम है। गांव समहा, पलवां, कठाड, दसकाल के खड्ड और नाले भी उफान पर रहे।
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आरएस पुरा में मुख्य मार्गों पर जलभराव होने से सड़क किनारे दुकानदारों को खासी दिक्कतें आईं। यहां सड़कों पर गंदगी फैली नजर आई। राहगीर भी परेशान हुए। उधर, उप जिलाधिकारी कार्यालय परिसर, तहसील परिसर, महात्मा गांधी पार्क, बस स्टैंड, बाजार सहित कई वार्डों में लोगों के घरों व दुकानों में पानी घुस गया।
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वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी झमाझम बारिश से कई नालों में अधिक पानी आने पर लोगों को आने जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि बारिश ने किसानों को काफी हद तक राहत दी है। गांव चकरोई के किसान किशन लाल का कहना है कि सावन महीने की पहली बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी है। किसान रमेश चौधरी ने कहा कि कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे थे।
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उधर, विजयपुर में भी बारिश से लोगों को राहत मिली। किसान वर्ग भी खुश हैं। तापमान में भी काफी गिरावट आई है। बाड़ी ब्राह्मणा के निचले क्षेत्रों में भी कई जगह पर जलभराव हो गया था। हालांकि कंडी क्षेत्र के लिए बारिश रामबाण से कम नहीं है। जिन लोगों की धान की रोपाई रुकी हुई थी, उनके चेहरे खिल गए हैं।
बारिश के बाद बढ़ गईं दिक्कतें
रामगढ़। पंचायत पल्ली की वार्ड दो में गली-नाली का निर्माण कार्य करवाया गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसका निर्माण कार्य ढलान के विपरीत करवाया गया है। इसकी वजह से पानी रुक जाता है। लोगों के घरों में जलभराव हो जाता है। उन्होंने बीडीओ को पहले ही इसके बारे में अवगत करवाया था, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया।
दोपहर बाद बढ़ने लगा चिनाब दरिया का जलस्तर
अखनूर। सीमांत क्षेत्र में बारिश से कई नाले और खड्ड उफान पर आ गए। इससे कई जगहों पर वाहनों की आवाजाही भी बंद रही। उधर, चिनाब दरिया का जलस्तर भी दोपहर बाद बढ़ने लगा था। इसको लेकर प्रशासन ने पहले ही जरूरी हिदायतें जारी की हुई हैं। कस्बे के कामेश्वर मंदिर के पास मुख्य सड़क पर पानी की निकासी नहीं होने से सड़क तालाब में तब्दील होती नजर आई। इससे वाहनों की आवाजाही बंद रही। चिनाब दरिया का जलस्तर वीरवार सुबह 23 गेज था, जबकि दोपहर के समय 24 गेज और शाम को 25 गेज हो गया था। यह खतरे के निशान से आठ फीट कम है। गांव समहा, पलवां, कठाड, दसकाल के खड्ड और नाले भी उफान पर रहे।