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गाँव कोटली चाड़कां में चार दिनों में गिरे तीन मकान, ग्रामीणों का आरोप ग्रामीण विकास बिभाग नहीं देता कोई ध्यान, सरकार का नारा स
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बिश्नाह। बारिश के चलते स्वर्गीय मंगतराम के मकान की छत गिर गई। जिस वक्त छत गिरी उस वक़्त सोमनाथ का परिवार साथ लगते कमरे में सो रहा था। गनीमत रही परिवार को कुछ नहीं हुआ।
सोमनाथ ने बताया कि वह मंगलवार की रात परिवार के साथ मकान में सोए थे। तभी अचानक जोर से धमाके की आवाज आई, जिससे उनकी नींद खुल गई। उठकर देखा तो साथ वाले कमरे की छत गिर चुकी थी। छत के गिरने से कमरे के अंदर रखा सारा सामान खराब हो गया। सोमनाथ का कहना है कि उन्होंने मकान को बनाने के लिए 2011 में फार्म भरा था, लेकिन 2021 आने के बावजूद आज तक उनके कच्चे मकान को नहीं बनाया जा सका है। वहीं गांव के ही बाबूराम पुत्र बोधु राम, पवन कुमार पुत्र चुन्नी लाल का घर भी बारिश के कारण ढह गया। बाबू राम ने बताया कि उनका भी 4 दिन पहले बारिश के कारण मकान गिर गया। गांव के में इस वक्त 25 के करीब परिवारों के कच्चे मकान हैं। जिन्होंने कई बार पूर्व सरपंच व मौजूदा सरपंच को इन कच्चे मकानों को सरकारी योजनाओं के तहत पक्का करने के लिए कहा था, लेकिन आज तक उनके कच्चे मकान पक्के नहीं हो पाए हैं। जिन लोगों की सिफारिशें होती हैं उनके पक्के मकान होने के बावजूद भी सरकारी योजनाओं को लाभ मिल जाता है, लेकिन जो इनके असली हकदार होते हैं। वह आज भी इन योजनाओं के लिए तरस रहे हैं।
वहीं गांव के पवन कुमार पुत्र चुन्नीलाल का मकान भी बारिश के कारण ढह गया, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन की टीम तहसीलदार सोहन लाल राणा की अध्यक्षता में मौका देखने गांव में गए और उन्होंने स्थानीय लोगों को गांव के कच्चे मकानों को जल्द से जल्द पक्का कराने का भरोसा दिलाया।
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सोमनाथ ने बताया कि वह मंगलवार की रात परिवार के साथ मकान में सोए थे। तभी अचानक जोर से धमाके की आवाज आई, जिससे उनकी नींद खुल गई। उठकर देखा तो साथ वाले कमरे की छत गिर चुकी थी। छत के गिरने से कमरे के अंदर रखा सारा सामान खराब हो गया। सोमनाथ का कहना है कि उन्होंने मकान को बनाने के लिए 2011 में फार्म भरा था, लेकिन 2021 आने के बावजूद आज तक उनके कच्चे मकान को नहीं बनाया जा सका है। वहीं गांव के ही बाबूराम पुत्र बोधु राम, पवन कुमार पुत्र चुन्नी लाल का घर भी बारिश के कारण ढह गया। बाबू राम ने बताया कि उनका भी 4 दिन पहले बारिश के कारण मकान गिर गया। गांव के में इस वक्त 25 के करीब परिवारों के कच्चे मकान हैं। जिन्होंने कई बार पूर्व सरपंच व मौजूदा सरपंच को इन कच्चे मकानों को सरकारी योजनाओं के तहत पक्का करने के लिए कहा था, लेकिन आज तक उनके कच्चे मकान पक्के नहीं हो पाए हैं। जिन लोगों की सिफारिशें होती हैं उनके पक्के मकान होने के बावजूद भी सरकारी योजनाओं को लाभ मिल जाता है, लेकिन जो इनके असली हकदार होते हैं। वह आज भी इन योजनाओं के लिए तरस रहे हैं।
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वहीं गांव के पवन कुमार पुत्र चुन्नीलाल का मकान भी बारिश के कारण ढह गया, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन की टीम तहसीलदार सोहन लाल राणा की अध्यक्षता में मौका देखने गांव में गए और उन्होंने स्थानीय लोगों को गांव के कच्चे मकानों को जल्द से जल्द पक्का कराने का भरोसा दिलाया।
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