आरपीएफ ने चार महीने का राशन और सात दिन का पानी एकत्र करने को कहा, कश्मीर में आदेश वायरल
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जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों की 100 अतिरिक्त कंपनियां भेजने के गृह मंत्रालय के फैसले के बाद एक-एक कर जारी हो रहे आदेश से हड़कंप मचा हुआ है। अब रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने घाटी में लंबे समय तक कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब होने की बात कहते हुए चार महीने तक का राशन एकत्र करने का आदेश जारी किया है। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल इस आदेश से मचे हड़कंप के बाद रेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ऐसा कुछ भी नहीं है।
आरपीएफ के सुदेश नुगयाल की अध्यक्षता में शनिवार को हुई बैठक में कहा गया कि एसएसपी जीआरपी की ओर से मिले इनपुट के बाद सुरक्षा को लेकर एहतियाती उपायों पर चर्चा की गई। इसमें चार महीने के राशन के साथ ही सात दिन के लिए पानी एकत्र करने को कहा गया। आपातकालीन स्थिति के लिए कर्मचारियों से पिट्ठू बैग तैयार रखने को कहा गया, जिसमें पर्याप्त मात्रा में खाद्य सामग्री, पानी, चाकलेट तथा पैसे हों।
गाड़ियों को गैरेज में रखा जाए क्योंकि अराजक तत्व उस पर हमला कर सकते हैं। गाड़ियों के अनावश्यक मूवमेंट पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने को भी कहा गया है। भीड़ को रेलवे प्रतिष्ठानों के पास नहीं आने की हिदायत के साथ-साथ कर्मचारियों की छुट्टियों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
आदेश में कहा गया है कि कोई भी कर्मचारी अपने परिवार के सदस्यों या रिश्तेदारों को घाटी में नहीं रखे। जो अमरनाथ यात्रा पर आए हुए हैं। ऐसे सभी लोगों को सुरक्षा कारणों से रविवार तक वापस भेज दिया जाए। प्रशासन किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति के लिए जिम्मेदार नहीं होगा। कश्मीर के स्थानीय कर्मचारी अपने परिवार के सदस्यों को या तो रिश्तेदारों के यहां भेज दें या फिर पैतृक आवास पर क्योंकि यह ज्यादा सुरक्षित होगा। यदि ट्रेन सेवा स्थगित होती है तो उनके रैक सुरक्षित स्टेशनों पर रखे जाएं। बैठक में समर्थ सिंह, रामसूरत व योगेंद्र सिंह तंवर उपस्थित थे।
"अतिरिक्त सुरक्षा बल की आवश्यकता कश्मीर में पाई गई और यह पहले से ही प्रस्तावित था इसलिए घबराने की कोई बात नहीं थी। वहीं अगर कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर कुछ ऐसा कोई भ्रम फैला रहा है तो यह हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हमें यह देखना चाहिए कि उस खबर का स्रोत क्या है। अफवाह फैलाने वाले की हम जांच करेंगे।"- के विजय कुमार, सलाहकार, राज्यपाल जम्मू-कश्मीर
आईजी आरपीएफ स्थिति का आंकलन करने आएंगे कश्मीर
सोशल मीडिया पर वायरल आदेश को रेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सीनियर डिवीजनल सिक्योरिटी कमिश्नर एक साल की अध्ययन यात्रा पर 26 जुलाई को चले गए हैं। दूसरी पंक्ति के अफसर ने अपनी परिकल्पना से पत्र जारी किया है जिसका कोई आधार नहीं है। यही नहीं, वह न तो ऐसा पत्र जारी कर सकते हैं और न हीं उन्होंने इस पत्र के लिए अनुमति ली है। मंत्रालय ने कहा है कि आरपीएफ के आईजी (उत्तर रेलवे) को स्थिति का आकलन करने के लिए कश्मीर भेजा जा रहा है। इस बीच एसएसपी रेलवे कश्मीर ने भी स्पष्ट किया कि उन्होंने आने वाले दिनों में घाटी में कानून-व्यवस्था खराब होने का इनपुट नहीं दिया है।
उमर का ट्वीट, घाटी के लोगों पर आरोप मढ़ना आसान
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा,‘खौफ का माहौल बनाने को लेकर घाटी के लोगों पर आरोप मढ़ना आसान है। मगर, हम उन सरकारी आदेशों को क्या कहेंगे, जिसमें राज्य में कानून-व्यवस्था के माहौल में गिरावट की भविष्यवाणी की जा रही है। यह भी कहा जा रहा है कि हालात लंबे वक्त तक खराब रहने की आशंका है। ऐसे में सरकार ने चुप्पी क्यों साध रखी है?’