जेएंडके में बाढ़ से निपटने को रेलवे भी तैयार
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राज्य में अगले दो-तीन दिनों में भारी बारिश की चेतावनी के बाद रेलवे प्रशासन भी सतर्क हो चुका है। बाढ़ जैसे खतरे को देखते हुए रेलवे लोगों को आपात सुविधा प्रदान कराने के लिए मुस्तैद हो गया है। उधमपुर, कटड़ा और चकरखवाल स्टेशनों पर एक-एक आपातकालीन ट्रेन की व्यवस्था कर दी गई है, ताकि भारी बारिश में फंसने वाले यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने में मदद की जा सके।
जम्मू में रेलवे की ओर से आपातकालीन कैंप स्थापित किया गया है, जहां से राज्य प्रशासन से सीधे संपर्क में रेलवे अधिकारी जुड़े हुए हैं। रेलवे अधिकारी बुधवार को फिरोजपुर रेल मंडल से जम्मू स्टेशन पहुंचे, जहां वरिष्ठ डीटीएम आरएन मीणा के साथ बैठक कर रेलवे द्वारा सतर्कता बरते जाने और विपरीत परिस्थिति से निपटने के लिए रेलवे की व्यवस्था का जायजा लिया।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य प्रशासन द्वारा किसी भी शार्ट नोटिस पर रेलवे की ओर से आपातकालीन खड़ी ट्रेनों की मदद बाढ़ या भारी बारिश से प्रभावित लोगों को मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि उधमपुर में एक डीएमयू की अतिरिक्त रैक खड़ी है, जबकि कटड़ा और चकरखवाल रेलवे स्टेशन पर खाली ट्रेन की स्पेशल रैक खड़ी कर दी गई है।
घाटी में बारामुला-बनिहाल ट्रैक सुरक्षित है, जहां नियमित रूप से रेलगाड़ियां चल रही हैं। गौर हो कि सितंबर में घाटी में आई भीषण बाढ़ में फंसे यात्रियों को निकलने के बाद करीब 62 हजार लोगों को रेलवे द्वारा ट्रेनों की सुविधा दी गई थी।
सरकार ने केंद्र को दी हालात की जानकारी
रियासत सरकार की ओर से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये केंद्र सरकार को कश्मीर में बाढ़ के हालात की जानकारी दी। मुख्य सचिव इबाल खांडे ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये केंद्रीय कैबिनेट सचिव अजीत सेठ को बताया कि बाढ़ से निपटने के लिए रियासत सरकार की ओर से पर्याप्त इंतजाम कर लिए गए हैं।
प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और लोगों एवं संपत्ति की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही खांडे ने यह भी बताया कि कुछ समय तक बारिश बंद रहने के बाद फिर से शुरू हा गई है। उन्होंने केंद्रीय कैबिनेट सचिव को बताया कि श्रीनगर में जलस्तर कम हुआ है और झेलम भी खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही है।
कश्मीर में सभी आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त स्टाक है। हिमस्खलन और भूस्खलन वाले इलाकों में रह रहे लोगों को प्रशासन की ओर से चेतावनी जारी कर दी गई है और सतर्क रहने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
एजेंसी
कांग्रेस टीम ने इलाकों का दौरा किया
कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गुलाम अहमद मीर की अगुवाई में पार्टी की टीम ने श्रीनगर के बाढ़ प्रभावित इलाकों जिसमें इंदिरा नगर, बेमिना, हमदानिया कालोनी, गोसिया कालोनी, एचएमटी का दौरा कर बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत कर समस्याओं का जायजा लिया। टीम में कांग्रेस विधायक दल के नेता नवांग रिगझिन जोरा, हाजी अब्दुल रशीद, उस्मान मजीद, गुलजार अहमद वानी, एच एस चनी, फारूक अंद्राबी आदि नेता शामिल रहे।
इस अवसर पर मीर ने कहा कि स्थिति चिंताजनक हैं और इसे नियंत्रण से बाहर नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सितंबर 2014 र्में आई बाढ़ से पहले ही काफी नुकसान हो चुका हैं और ऐसी स्थिति एक बार फिर उत्पन्न हो गई है। उन्होंने कहा कि भू स्खलन से अभी तक श्रीनगर में 16 लोगों की मौत हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन सतर्क होता तो कई जिंदगियों को बचाया जा सकता था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस र्पाअी प्रशासन को बाढ़ राहत, बचाव और पुनर्वास कार्य में पूरी मदद करेगी। मीर ने बाढ़ जैसे स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता योजना पर काम करने की जरूरत भी जताई और सरकार को प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा जारी करने को भी कहा।
इस अवसर पर महासचिव शमीमा इकबाल, गुलाम नबी मीर लसजन, इरफान नकीब, निसार अहमद खान आदि भी मौजूद रहे।