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Train To Kashmir: कश्मीर घाटी को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने में टनल-33 बनी चुनौती, लगातार होता है पानी का रिसाव
Tue, 07 May 2024 05:35 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
Updated Tue, 07 May 2024 05:35 AM IST
सार
3.2 किमी लंबे टनल 33 में लगातार पानी का रिसाव होता है। शुरूआती समय में रेलवे के इंजीनियरों ने यहां काम करना छोड़ दिया था, लेकिन बाद में आधुनिक तकनीक की मदद से काम को फिर से शुरू किया है।
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कटड़ा के पास टनल-33 का निरीक्षण करते रेलवे बोर्ड के सदस्य
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विस्तार
कश्मीर घाटी को शेष रेलवे नेटवर्क से जोड़ने के लिए भारतीय रेल अब काफी करीब है। उधमपुर–श्रीनगर-बारामुला (यूएसबीआरएल) रेल लिंक का काम पूरा होने के बाद ट्रेन से कश्मीर घाटी जा सकेंगे। हालांकि यूएसबीआरएल में रेलवे के सामने कटड़ा के पास सुरंग टी-33 अभी भी बड़ी चुनौती है, जिससे पार पाना रेलवे के इंजीनियरों के लिए आसान नहीं है।
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3.2 किमी लंबे इस टनल को पूरा होने में अभी थोड़ा और समय लगेगा। 3.2 किमी लंबे इस टनल में लगातार पानी का रिसाव होता है। शुरूआती समय में रेलवे के इंजीनियरों ने यहां काम करना छोड़ दिया था, लेकिन बाद में आधुनिक तकनीक की मदद से काम को फिर से शुरू किया है।
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रेलवे बोर्ड सदस्य (इंफ्रास्ट्रक्चर) अनिल कुमार खंडेलवाल ने श्रीनगर-संगलदान-कटड़ा सेक्शन का निरीक्षण किया। श्रीनगर छोर से संगलदान तक फिर संगलदान से कटड़ा तक मोटर निरीक्षण किया। इस दौरान रास्ते में उन्होंने सवालकोट यार्ड और कटड़ा के पास सुरंग संख्या टी-33 में चल रहे शेष कार्य का जायजा लिया।
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सुरंग की कार्य प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और परियोजना अधिकारियों को काम कड़ी निगरानी में करने का निर्देश दिया। इस परियोजना को भारतीय उपमहाद्वीप में सबसे चुनौतीपूर्ण रेलवे लाइन में से एक से माना जाता है, जो भूवैज्ञानिक जटिलताओं से भरे युवा हिमालय से होकर गुजरती है। इसके पूरा होने से भारतीय रेल कश्मीर घाटी को शेष रेलवे नेटवर्क से जोड़ेगा।