CBI Raids: किश्तवाड़ की कीरू बिजली प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार मामले में 16 ठिकानों पर छापे, पूर्व राज्यपाल मलिक की शिकायत पर कार्रवाई
किश्तवाड़ की कीरू पनबिजली योजना में भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई श्रीनगर में दो जगह, जम्मू में पांच, दिल्ली में पांच, मुंबई में तीन और पटना में एक कार्रवाई की। यह 16 ठिकाने बिचौलियों व प्रोजेक्ट से संबंधित लोगों के बताए गए हैं।
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जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक की शिकायत पर सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जम्मू-कश्मीर समेत देशभर में 16 ठिकानों पर छापे मारे। मलिक ने किश्तवाड़ की कीरू पनबिजली योजना का 2200 करोड़ रुपये का अनुबंध देने में कथित भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। इस मामले में फंसे आईएएस अधिकारी नवीन चौधरी समेत अन्य अधिकारियों के सहयोगियों और बिचौलियों के घर भी खंगाले गए। सीबीआई प्रवक्ता आरसी जोशी ने बताया कि जम्मू में पांच, श्रीनगर में दो, दिल्ली में पांच, मुंबई में तीन और पटना में एक स्थान पर छापा मारा गया।
बिचौलियों की कथित भूमिका की ओर इशारा करते हैं
तीन महीने की जांच में सीबीआई ने पाया कि आरोपी लोक सेवकों के बीच कुछ वित्तीय लेनदेन हुआ। इनमें चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट्स (पी) लिमिटेड के तत्कालीन अध्यक्ष नवीन कुमार चौधरी और बिचौलिये शामिल हैं। जांच के दौरान कुछ साक्ष्य मिले हैं जो बिचौलियों की कथित भूमिका की ओर इशारा करते हैं। इस लेनदेन में तत्कालीन चेयरमैन भी शामिल थे। ये लेनदेन बिचौलियों व जन सेवकों के बीच हुए। इसी आधार पर सीबीआई टीमों ने पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और चेयरमैन रुपेन पटेल के मुंबई स्थित ठिकानों को खंगाला।
सीबीआई ने इस मामले में इसी वर्ष अप्रैल माह की थी कार्रवाई
इनके अलावा विजय गुप्ता और अमरेंद्र कुमार सिंह समेत अन्य लोगों के ठिकानों में भी तलाशी हुई। सीबीआई ने इस मामले में इसी वर्ष अप्रैल माह में पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड के पूर्व निदेशकों नवीन कुमार चौधरी, एमएस बाबू, पूर्व एमडी एमके मित्तल और अरुण कुमार मिश्रा के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
2200 करोड़ के सिविल कार्य के लिए नियमों को ताक पर रखा
आरोप है कि 2200 करोड़ रुपये के सिविल कार्य के लिए नियमों को ताक पर रखकर ई-टेंडर किया गया। जम्मू में सीबीआई की टीम ने केके रिजॉर्ट और गार्डन एस्टेट के मालिक त्रिकुटा नगर, हाउस नंबर 66 सेक्टर-2 निवासी विजय गुप्ता, विजय गुप्ता के भतीजे रिक्की गुप्ता निवासी हाउस नंबर 7 डीसी सप्तरिशी गांधी नगर जम्मू, हाउस नंबर 109 बी, एडी गांधी नगर के रहने वाले चार्टेड एकाउंटेंट राकेश गुप्ता, तालाब तिल्लो बोहड़ी में हाउस नंबर 318 लेन नंबर 11 के रहने वाले रितेश गुप्ता और बोहड़ी स्थित केके रिजॉर्ट के घरों और कार्यालयों पर छापा मारा।
- इसके अलावा श्रीनगर में सरकारी कालोनी की इमारत नंबर 439 डी 1/4 और सिडको इंडिस्ट्रीयल एस्टेट के रहने वाले शाहीर कामली के ठिकानों को भी खंगाला गया। बताया जा रहा है कि कीरू प्रोजेक्ट धांधली में इन लोगों ने उक्त अधिकारियों के लिए बिचौलिये का काम किया।
दस्तावेज बरामद कर बैंक खातों को भी खंगाला
सीबीआई की टीम ने इन ठिकानों से दस्तावेज बरामद कर बैंक खातों को भी खंगाला। बड़े स्तर पर इलेक्ट्रोनिक उपकरण भी बरामद किए गए हैं, जिनके जरिए इन लोगों ने एफआईआर में दर्ज अधिकारियों के लिए बिचौलिये का काम किया है। यह भी आरोप लगाया है कि कीरू जलविद्युत परियोजना के सिविल वर्क पैकेज के अवार्ड में ई-निविदा के संबंध में दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया गया। ई-टेंडर को रद्द करने के बाद दोबारा रद्द किया गया, लेकिन इसे लागू नहीं किया और उक्त कंपनी को यह प्रोजेक्ट दे दिया गया।
मलिक को भी हुई थी 300 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश
राजस्थान के झुनझुनू में पिछले साल अक्तूबर में कार्यक्रम में मलिक ने दावा किया था कि राज्यपाल रहते हुए 23 अगस्त 2018 और 30 अक्तूबर 2019 के बीच उन्हें भी दो फाइलाें को मंजूरी देने के लिए 300 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की गई थी। मलिक ने कहा, इनमें से एक फाइल अंबानी और दूसरी संघ से जुड़े एक नेता की थी जो महबूबा मुफ्ती की सरकार में मंत्री भी थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफी करीबी माने जाते थे।
150-150 करोड़ रुपये मिलेंगे
मुझे दोनों ही विभागों के सचिवों ने बताया था कि यह पूरा एक स्कैंडल है, जिसके बाद मैंने दोनों ही दलीलों को रद्द कर दिया था। मलिक ने कहा, सचिवों ने मुझे बताया था कि मुझे दोनों फाइलों को पास करने के लिए 150-150 करोड़ रुपये मिलेंगे। लेकिन मैंने उन्हें कह दिया कि मैं पांच कुर्ता पायजामों के साथ आया था और उनके साथ ही यहां से जाऊंगा।