श्रीनगरः करन नगर ऑपरेशन को सीआरपीएफ की QAT ने दिया अंजाम, जान लें इनकी खास बातें
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श्रीनगर के करन नगर इलाके में स्थित सीआरपीएफ की 23 बटालियन के कैंप पर हुए हमले में फंसे दो लश्कर के आतंकियों के खिलाफ लगातार सुरक्षाबल मोर्चा संभाले हुए थे। इस ऑपरेशन का नेतृत्व सीआरपीएफ की क्विक एक्शन टीम (क्यूएटी) कर रही थी।
जिसे सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप का सहयोग हासिल था। एक बिल्डिंग में आतंकियों द्वारा पनाह लिए जाने के कारण ऑपरेशन लंबा खिंच रहा है। टीम की कोशिश थी कि जल्द इन आतंकियों को मार गिराया जा सके।
क्या है क्यूएटी
सीआरपीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि यह एक विशेष टीम है, जिसे ऑपरेशन को संचालित करने के लिए विशेष ट्रेनिंग दी गई है। श्रीनगर सहित आसपास के जिलों में कई बड़े हमलों के खिलाफ आपरेशन को अंजाम देने के लिए इस टीम का सहयोग लिया जा चुका है।
ग्राउंड जीरो के सात साथ रूम इंटरवेंशन में इस टीम को महारत हासिल है। जब भी आतंकी इमारतों में पनाह लेते हैं तो उन्हें मार गिराने के लिए इस टीम को बुलाया जाता है। श्रीनगर में मौजूद क्यूएटी में करीब 120 जवान हैं, लेकिन अब बाकी जिलों में भी छोटी छोटी टीमें गठित की गई हैं।
जो इस मुख्य टीम के मुठभेड़ स्थल तक पहुंचने तक ऑपरेशन को संभालते हैं। क्यूएटी में शामिल जवानों को एनएसजी और मुंबई पुलिस के फोर्स-1 कमांडो के साथ ट्रेनिंग दी गई है। इन जवानों के पास भी उनके जैसी महारत हासिल है।
इन जवानों को एके राइफल और अन्य आटोमेटिक हथियारों के साथ साथ कई अन्य आधुनिक हथियार दिए गए हैं जो वह स्थिति के अनुसार इस्तेमाल में लाते हैं। उनके पास अमरीकी सैनिकों की तरह एनवीडी (नाईट विजन डिवाइस) माउंटिड हेल्मेटस’ होते हैं जो रात के समय भी ऑपरेशन को अंजाम देने में सहायक हैं।
क्यूएटी के कुछ बड़े ऑपरेशन
वर्ष 2016 में 15 अगस्त के दिन नौहट्टा में हमला हुआ। इस हमले में सीआरपीएफ कमांडेंट शहीद हुए थे, जबकि 9 जवान घायल थे। इसमें दो विदेशी फिदायीन हमलावरों को मार गिराया गया।
3 अक्टूबर, 2017 को बीएसएफ के हुमहामा स्थित 182 बटालियन कैंप पर हमला हुआ था। इस हमले में एक बीएसएफ का एक एएसआई शहीद, जबकि चार जवान घायल हुए थे। हमले में जैश के तीन फिदायीन हमलावर मार गिराए गए थे।
लेथपोरा सीआरपीएफ ट्रेनिंग कैंप पर हमले में पांच जवान शहीद हुए थे, जबकि तीन जैश के आतंकियों को ढेर किया गया था।