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Jammu News: श्रीमद्भागवत कथा में राजा परीक्षित का प्रसंग सुनाया
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जम्मू। पुरानी मंडी स्थित राम मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथावाचक महंत डॉ. सत्यनारायण दास ने राजा परीक्षित संवाद का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि एक बार परीक्षित महाराज वनों में काफी दूर चले गए। उनको प्यास लगी, पास में समीक ऋषि के आश्रम में पहुंचे और बोले ऋषिवर मुझे पानी पिला दो, लेकिन ऋषि समाधि में थे, इसलिए पानी नहीं पिला सके। परीक्षित ने सोचा कि इसने मेरा अपमान किया है मुझे भी इसका अपमान करना चाहिए। उसने पास से एक मरा हुआ सांप उठाया और ऋषि के गले में डाल दिया। यह सूचना पास में खेल रहे बच्चों ने ऋषि के पुत्र को दी। ऋषि के पुत्र ने नदी का जल हाथ में लेकर श्राप दे डाला कि जिसने मेरे पिता का अपमान किया है आज से सातवें दिन तक्षक सर्प पक्षी आएगा और उसे जलाकर भस्म कर देगा।
ऋषि को जब यह पता चला तो उन्होंने अपनी दिव्य दृष्टि से देखा कि यह तो महान धर्मात्मा राजा परीक्षित हैं और यह अपराध इन्होंने कलियुग के वशीभूत होकर किया है। देवयोग वश परीक्षित ने वही मुकुट पहन रखा था। ऋषि ने यह सूचना महाराज को दी कि आज से सातवें दिन तक्षक सर्प पक्षी तुम्हें जलाकर भस्म कर देगा। यह सुनकर परीक्षित दुखी नहीं हुए और अपना राज्य अपने पुत्र जन्मेजय को सौंपकर गंगा नदी के तट पर पहुंचे। वहां पर ऋषि, मुनि और देवता पहुंचे और अंत में व्यास नंदन शुकदेव वहां पहुंचे। सभी ने शुकदेव का का स्वागत किया। यह कथा जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में करवाई जा रही है। सात सितंबर को भजन संध्या और नौ सितंबर को बाबा अमरनाथ यात्रा समापन समारोह मनाया जाएगा। इस दिन दोपहर एक बजे से भंडारा लगाया जाएगा। संवाद
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ऋषि को जब यह पता चला तो उन्होंने अपनी दिव्य दृष्टि से देखा कि यह तो महान धर्मात्मा राजा परीक्षित हैं और यह अपराध इन्होंने कलियुग के वशीभूत होकर किया है। देवयोग वश परीक्षित ने वही मुकुट पहन रखा था। ऋषि ने यह सूचना महाराज को दी कि आज से सातवें दिन तक्षक सर्प पक्षी तुम्हें जलाकर भस्म कर देगा। यह सुनकर परीक्षित दुखी नहीं हुए और अपना राज्य अपने पुत्र जन्मेजय को सौंपकर गंगा नदी के तट पर पहुंचे। वहां पर ऋषि, मुनि और देवता पहुंचे और अंत में व्यास नंदन शुकदेव वहां पहुंचे। सभी ने शुकदेव का का स्वागत किया। यह कथा जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में करवाई जा रही है। सात सितंबर को भजन संध्या और नौ सितंबर को बाबा अमरनाथ यात्रा समापन समारोह मनाया जाएगा। इस दिन दोपहर एक बजे से भंडारा लगाया जाएगा। संवाद
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