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J&K: देखिए पुलवामा हिंसा का वायरल वीडियो, जब घिर गए थे जवान, गई थी 7 पत्थरबाजों की जान
Fri, 21 Dec 2018 08:12 PM IST
Vikas Kumar
ब्यूरो, अमर उजाला, श्रीनगर
ब्यूरो, अमर उजाला, श्रीनगर
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 21 Dec 2018 08:12 PM IST
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- फोटो : फाइल
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पुलवामा जिले में हाल ही में हुई मुठभेड़ के दौरान भड़की हिंसा के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं, जिनसे पत्थरबाजों व प्रदर्शनकारियों का सच सामने आया है। पुलिस के अनुसार वीडियो की जांच करनी पड़ेगी कि वह उक्त घटना के हैं या नहीं।
घाटी में अक्सर सुरक्षाबलों की ओर से आतंकियों के खिलाफ चलाए जाने वाले ऑपरेशनों में स्थानीय युवा पत्थरबाजी कर खलल डालने सहित जवानों को निशाना बनाते हैं। मगर अपने बचाव में की गई कार्रवाई में अगर कोई पत्थरबाज घायल होता है या मारा जाता है तो सुरक्षाबलों को कटघरे में खड़ा कर दिया जाता है।
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ऐसी ही स्थिति गत शनिवार को पुलवामा के सिरनू इलाके में सामने आई, जब आतंकी मुठभेड़ के दौरान पत्थरबाजों ने सुरक्षाबलों पर धावा बोल दिया। सोशल मीडिया पर इस घटना के वायरल वीडियो ने पत्थरबाजों की पोल खोल दी है।
इनमें साफ दिख रहा है कि किस तरह पत्थरबाज सुरक्षाबलों के वाहन को घेरकर पत्थर और लाठियां बरसा रहे हैं। अपने बचाव में की गई सेना की इस कार्रवाई में कई पत्थरबाज घायल हुए थे, जिनमें से सात ने बाद में दम तोड़ दिया था। वहीं मुठभेड़ में एक सैन्य जवान भी शहीद हुआ था।
बुलेट के बजाय वॉटर कैनन चलाते: फारूक
पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने अफसोस जताते हुए कहा है कि सेना को बुलेट के बजाय वॉटर कैनन या फिर आंसू गैस के गोले का इस्तेमाल करना चाहिए था। जो लोग मारे गए हैं, वे लौट कर नहीं आएंगे। आशा करते हैं कि सेना और पुलिस इस तरह के ऑपरेशन भविष्य में नहीं करेगी।
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घाटी में अक्सर सुरक्षाबलों की ओर से आतंकियों के खिलाफ चलाए जाने वाले ऑपरेशनों में स्थानीय युवा पत्थरबाजी कर खलल डालने सहित जवानों को निशाना बनाते हैं। मगर अपने बचाव में की गई कार्रवाई में अगर कोई पत्थरबाज घायल होता है या मारा जाता है तो सुरक्षाबलों को कटघरे में खड़ा कर दिया जाता है।
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ऐसी ही स्थिति गत शनिवार को पुलवामा के सिरनू इलाके में सामने आई, जब आतंकी मुठभेड़ के दौरान पत्थरबाजों ने सुरक्षाबलों पर धावा बोल दिया। सोशल मीडिया पर इस घटना के वायरल वीडियो ने पत्थरबाजों की पोल खोल दी है।
इनमें साफ दिख रहा है कि किस तरह पत्थरबाज सुरक्षाबलों के वाहन को घेरकर पत्थर और लाठियां बरसा रहे हैं। अपने बचाव में की गई सेना की इस कार्रवाई में कई पत्थरबाज घायल हुए थे, जिनमें से सात ने बाद में दम तोड़ दिया था। वहीं मुठभेड़ में एक सैन्य जवान भी शहीद हुआ था।
बुलेट के बजाय वॉटर कैनन चलाते: फारूक
पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने अफसोस जताते हुए कहा है कि सेना को बुलेट के बजाय वॉटर कैनन या फिर आंसू गैस के गोले का इस्तेमाल करना चाहिए था। जो लोग मारे गए हैं, वे लौट कर नहीं आएंगे। आशा करते हैं कि सेना और पुलिस इस तरह के ऑपरेशन भविष्य में नहीं करेगी।