जंग-ए-बदर से पहले ही मिले थे आत्मघाती हमले के इनपुट, साजिश नाकाम करने में खाकी की रही अहम भूमिका
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दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले में आत्मघाती हमले की बड़ी साजिश नाकाम करने के पीछे जम्मू-कश्मीर पुलिस की भी अहम भूमिका रही है। पुलिस इनपुट मिलने के बाद से ही सेना और सीआरपीएफ के साथ मिलकर जंग-ए-बदर (रमजान के 17वें दिन) के पहले से ही आतंकियों पर कड़ी नजर बनाए हुए थी। इसी के चलते आतंकी जंग-ए-बदर के दिन साजिश को अंजाम नहीं दे पाए।
जानकारी के अनुसार आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों को जंग-ए-बदर के दिन ही इस कार्रवाई को अंजाम देकर सुरक्षा एजेंसियों पर दबाव बनाना था, लेकिन जम्मू-कश्मीर पुलिस को इस बात की सूचना पहले ही मिल चुकी थी।
इसके आधार पर पुलिस, सेना और सीआरपीएफ के साथ मिलकर आतंकियों की पूरी हरकत पर पैनी नजर रखी जा रही थी ताकि वह किसी कार्रवाई को अंजाम न दे सकें। इतना ही नहीं सुरक्षाबलों ने भी आतंकियों के मंसूबों को नाकाम करने के लिए कई कदम उठाने के साथ-साथ कई जगह पर तलाशी अभियान चलाए और कामयाबी भी पाई।
जम्मू-कश्मीर पुलिस के कश्मीर रेंज के आईजीपी विजय कुमार ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से पुलवामा पुलिस को यह इनपुट था कि जैश और हिज्ब मिलकर आत्मघाती हमले को अंजाम देने वाले हैं। उसके लिए उन्होंने सेंट्रो कार ली है जिसमें आईईडी लगाकर हमला करेंगे। बुधवार सुबह और पुख्ता इनपुट मिलने के बाद पुलवामा पुलिस ने सेना, सीआरपीएफ और एसओजी के साथ मिलकर अलग-अलग जगह नाके लगाए।
नाके के करीब जब वही गाड़ी पहुंची तो जॉइंट पार्टी ने वार्निंग फायर किए
पुलवामा के आयगुंड में लगे नाके के करीब जब वही गाड़ी पहुंची तो जॉइंट पार्टी ने वार्निंग फायर किए। आतंकी गाड़ी घुमाकर मौके से भाग निकले लेकिन दूसरी ओर लगे एक और नाके पर भी सुरक्षाबलों की जॉइंट पार्टी ने वार्निंग शॉट हवा में चलाए। इस दौरान सख्त घेरा देख आतंकियों ने गाड़ी वहीं छोड़ दी और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकले।
ज्वाइंट पार्टी ने जब दूर से ही सर्च लाइट की मदद से गाड़ी का नंबर देखा तो वही निकला जिसका इनपुट मिला था। इसके बाद सुरक्षाबलों ने घेरा सख्त कर पहले रोशनी का इंतजार किया। गुरुवार सुबह बम निरोधक दस्ते की मदद से इस गाड़ी में रखी आईईडी को उड़ा दिया गया।
धमाके में गाड़ी का मलबा हवा में करीब 50 मीटर तक उड़ा और इस दौरान पूरा इलाका धुंए के गुबार से ढक गया। आसपास के इलाकों में भी धमाके की गूंज सुनाई दी। आईजीपी विजय कुमार ने सेना और सीआरपीएफ को बधाई देने के साथ ही जम्मू-कश्मीर पुलिस के अधिकारियों और जवानों को बधाई दी।