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Jammu News: बिजली निगम के इंजीनियरों और कर्मियों के प्रदर्शन के कारण 400 शिकायतें लटकीं
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू व कश्मीर पावर डिस्ट्रीब्यूशन कारपोरेशन में कार्यरत चीफ इंजीनियर से लेकर फील्ड कर्मचारी पदोन्नति और भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग को लेकर शनिवार को पहली बार सड़क पर उतरे और विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान शहर के दर्जनों इलाकों में बिजली की कटौती से आम लोग परेशान हुए। आम दिनों में हेल्पलाइन नंबर पर जहां 350 से 380 शिकायतें आ रही थी तो अब 400 से ज्यादा लोगों ने फोन किया, लेकिन किसी की समस्या का समाधान नहीं हुआ। कैनाल रोड और गांधी नगर में लोगाें ने निजी कर्मचारियों को बुलाकर फॉल्ट सही करवाए। हड़ताल में विभाग के नौ संगठन शामिल हुए।
बिजली विभाग में जूनियर इंजीनियर से लेकर एमडी तक करीब 750 पद खाली पड़े हैं। इसके अलावा कई साल से इंजीनियर और कर्मचारियों की पदोन्नति तक नहीं हुए। रिक्त पदों को भरने के लिए भी विभाग की ओर से कई बार सरकार को पत्र लिखा जा चुका है। इसके बावजूद सुनवाई नहीं होने से नाराज इंजीनियर और कर्मचारी सड़क पर उतर आए। नरवाल पावर हाउस परिसर में कर्मचारियों ने सरकार के विरोध में नारेबाजी की। आरोप लगाया कि कई साल से प्रमोशन और भर्ती नहीं होने से कर्मचारियों की कमी बनी है। व्यवस्था में सुधार के काम नहीं हो पा रहे। वहीं, हड़ताल के कारण शहर की बिजली व्यवस्था गड़बड़ा गई। कैनाल रोड, भगवती नगर और गांधी नगर क्षेत्र में लोगों को निजी कर्मचारियों को बुलाकर फॉल्ट ठीक करवाने पड़े। कई क्षेत्रों में पूरे दिन बिजली की दिक्कत बनी रही।
किसी ने नहीं उठाया फोन
करीब 24 घंटे तक चलने वाली हड़ताल के दौरान जम्मू व कश्मीर बिजली निगम के 18 हजार कर्मचारियों ने काम नहीं किया। लोग पावर हाउस में फोन करते रहे, लेकिन उन्हें सुनने वाला कोई नहीं था। हरिमोहन और बाल किशोर ने बताया कि घर में लाइन का तार निकल गया, जिसे निजी कर्मचारी को बुलाकर सही कराया। वहीं, राम किशोर का कहना है कि रात में बारिश से तार टूट गया था, पावर हाउस में लगातार फोन करते रहे। मगर किसी ने नहीं उठाया।
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...तो 48 घंटे हड़ताल पर रहेंगे इंजीनियर
यूनियन के प्रधान सचिन टिक्कू ने बताया कि डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन, प्रोवेंशियल पावर इंप्लाइज यूनियन, लाइनमैन एंड वर्कर्स यूनियन, टेक्निकल इंप्लाइज फेडरेशन, पीडीएल-टीडीएल सहित नौ यूनियन इंजीनियरों के समर्थन में आईं। प्रधान ने कहा कि पीडीडी को जेपीडीसीएल और केपीडीसीएल बनाते समय प्रशासन ने जिन नीतियों को लागू करने का आश्वासन दिया था, उनमें एक भी अब तक लागू नहीं हो पाई। टिक्कू का कहना है कि संगठन की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार को 24 सितंबर तक का समय दिया गया। यदि निर्धारित समय में कोई कारगर कदम नहीं उठाए गए तो 25 सितंबर को 48 घंटे तक सभी इंजीनियर व कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे।
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जम्मू। जम्मू व कश्मीर पावर डिस्ट्रीब्यूशन कारपोरेशन में कार्यरत चीफ इंजीनियर से लेकर फील्ड कर्मचारी पदोन्नति और भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग को लेकर शनिवार को पहली बार सड़क पर उतरे और विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान शहर के दर्जनों इलाकों में बिजली की कटौती से आम लोग परेशान हुए। आम दिनों में हेल्पलाइन नंबर पर जहां 350 से 380 शिकायतें आ रही थी तो अब 400 से ज्यादा लोगों ने फोन किया, लेकिन किसी की समस्या का समाधान नहीं हुआ। कैनाल रोड और गांधी नगर में लोगाें ने निजी कर्मचारियों को बुलाकर फॉल्ट सही करवाए। हड़ताल में विभाग के नौ संगठन शामिल हुए।
बिजली विभाग में जूनियर इंजीनियर से लेकर एमडी तक करीब 750 पद खाली पड़े हैं। इसके अलावा कई साल से इंजीनियर और कर्मचारियों की पदोन्नति तक नहीं हुए। रिक्त पदों को भरने के लिए भी विभाग की ओर से कई बार सरकार को पत्र लिखा जा चुका है। इसके बावजूद सुनवाई नहीं होने से नाराज इंजीनियर और कर्मचारी सड़क पर उतर आए। नरवाल पावर हाउस परिसर में कर्मचारियों ने सरकार के विरोध में नारेबाजी की। आरोप लगाया कि कई साल से प्रमोशन और भर्ती नहीं होने से कर्मचारियों की कमी बनी है। व्यवस्था में सुधार के काम नहीं हो पा रहे। वहीं, हड़ताल के कारण शहर की बिजली व्यवस्था गड़बड़ा गई। कैनाल रोड, भगवती नगर और गांधी नगर क्षेत्र में लोगों को निजी कर्मचारियों को बुलाकर फॉल्ट ठीक करवाने पड़े। कई क्षेत्रों में पूरे दिन बिजली की दिक्कत बनी रही।
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किसी ने नहीं उठाया फोन
करीब 24 घंटे तक चलने वाली हड़ताल के दौरान जम्मू व कश्मीर बिजली निगम के 18 हजार कर्मचारियों ने काम नहीं किया। लोग पावर हाउस में फोन करते रहे, लेकिन उन्हें सुनने वाला कोई नहीं था। हरिमोहन और बाल किशोर ने बताया कि घर में लाइन का तार निकल गया, जिसे निजी कर्मचारी को बुलाकर सही कराया। वहीं, राम किशोर का कहना है कि रात में बारिश से तार टूट गया था, पावर हाउस में लगातार फोन करते रहे। मगर किसी ने नहीं उठाया।
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...तो 48 घंटे हड़ताल पर रहेंगे इंजीनियर
यूनियन के प्रधान सचिन टिक्कू ने बताया कि डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन, प्रोवेंशियल पावर इंप्लाइज यूनियन, लाइनमैन एंड वर्कर्स यूनियन, टेक्निकल इंप्लाइज फेडरेशन, पीडीएल-टीडीएल सहित नौ यूनियन इंजीनियरों के समर्थन में आईं। प्रधान ने कहा कि पीडीडी को जेपीडीसीएल और केपीडीसीएल बनाते समय प्रशासन ने जिन नीतियों को लागू करने का आश्वासन दिया था, उनमें एक भी अब तक लागू नहीं हो पाई। टिक्कू का कहना है कि संगठन की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार को 24 सितंबर तक का समय दिया गया। यदि निर्धारित समय में कोई कारगर कदम नहीं उठाए गए तो 25 सितंबर को 48 घंटे तक सभी इंजीनियर व कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे।