{"_id":"60f1edc98ebc3ed3710dba45","slug":"protest-jammu-news-jammu-city-news-jmu239615665","type":"story","status":"publish","title_hn":"दरबार मूव बंद करने पर बिफरे व्यापारियों","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दरबार मूव बंद करने पर बिफरे व्यापारियों
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। पुराने शहर के व्यापारी संगठनों ने शुक्रवार को पुरानी मंडी चौक में दरबार मूव बंद करने के खिलाफ प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि इस व्यवस्था से पुराने शहर के छोटे कारोबारी खत्म हो जाएंगे। सर्दियों के दौरान छह माह तक कारोबारी दरबार मूव के साथ आने वाले कश्मीर के कर्मचारियों पर निर्भर रहते हैं, लेकिन नई व्यवस्था व्यापार पर असर पड़ेगा।
प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता योगेश साहनी ने कहा कि सरकार को दरबार मूव की प्रथा को बंद करने से पहले स्थानीय व्यापार को ध्यान में रखते हुए व्यापारियों को विश्वास में लेना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। दरबार मूव के बाद छह माह तक कश्मीर से सैकड़ों कर्मचारी जम्मू में रहते थे और विशेष तौर पर वे खरीदारी के लिए पुराने शहर का रुख करते थे। कश्मीर के कर्मचारियों के लिए स्थानीय व्यापारी भी छह माह तक उनके आने का इंतजार करते थे। लेकिन अब नई व्यवस्था में कर्मचारी यहां नहीं आएंगे। इससे सीधे तौर पर स्थानीय व्यापार प्रभावित होगा। राज तिलक रोड ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान विमल गुप्ता ने कहा कि इस समय व्यापारी वर्ग कोविड महामारी और अन्य दूसरी परिस्थितियों से पहले ही बुरी तरह से प्रभावित है। ऐसे में दरबार मूव को बंद करने के फैसले से भविष्य में उन्हें मजबूरन अपने प्रतिष्ठान बंद करने पड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं के समाधान को स्थानीय जन प्रतिनिधि सामने नहीं आ रहे हैं, ऐसे में भविष्य में व्यापारी भी उनका बहिष्कार करेंगे।
विज्ञापन
प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता योगेश साहनी ने कहा कि सरकार को दरबार मूव की प्रथा को बंद करने से पहले स्थानीय व्यापार को ध्यान में रखते हुए व्यापारियों को विश्वास में लेना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। दरबार मूव के बाद छह माह तक कश्मीर से सैकड़ों कर्मचारी जम्मू में रहते थे और विशेष तौर पर वे खरीदारी के लिए पुराने शहर का रुख करते थे। कश्मीर के कर्मचारियों के लिए स्थानीय व्यापारी भी छह माह तक उनके आने का इंतजार करते थे। लेकिन अब नई व्यवस्था में कर्मचारी यहां नहीं आएंगे। इससे सीधे तौर पर स्थानीय व्यापार प्रभावित होगा। राज तिलक रोड ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान विमल गुप्ता ने कहा कि इस समय व्यापारी वर्ग कोविड महामारी और अन्य दूसरी परिस्थितियों से पहले ही बुरी तरह से प्रभावित है। ऐसे में दरबार मूव को बंद करने के फैसले से भविष्य में उन्हें मजबूरन अपने प्रतिष्ठान बंद करने पड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं के समाधान को स्थानीय जन प्रतिनिधि सामने नहीं आ रहे हैं, ऐसे में भविष्य में व्यापारी भी उनका बहिष्कार करेंगे।
विज्ञापन